पंजीयन कार्यालय बना सियासी पार्टी का दफ्तर!

 

 

पंजीयन के लिये आने वालों को किया जा रहा दल विशेष में वोट डालने प्रेरित!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद भी सरकारी नुमाईंदों के द्वारा मनमानी जारी है। जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित पंजीयक और मुद्रांक कार्यालय के जिला पंजीयक और उप पंजीयक कार्यालय में दल विशेष को वोट डालने के लिये प्रेरित किये जाने की शिकायत के बाद भी अब तक इस मामले में किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गयी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार काँग्रेस, भाजपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन आयोग को जिला पंजीयक और प्रभारी उप पंजीयक दल विशेष के लिये मतदान का माहौल तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन संघर्ष समिति के द्वारा भी शिकायत की गयी है। ये शिकायतें 10 अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच की गयीं बतायी जाती हैं।

बताया जाता है कि भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुजीत जैन के द्वारा 10 अप्रैल को, किसान काँग्रेस के द्वारा 11 अप्रैल को एवं अन्य के द्वारा 15 अप्रैल को इन शिकायतों को राज्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजा गया है।

इधर, जिला पंजीयक कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला पंजीयक और उप पंजीयक कार्यालय में बिना चढ़ौत्तरी कोई भी काम नहीं हो पा रहे हैं। इतना ही नहीं चुनाव आचार संहिता के लगने के बाद निर्धारित चढ़ौत्तरी के अलावा प्रति रजिस्ट्री दो हजार रूपये अलग से लिये जा रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिला पंजीयक निधि जैन मूलतः जिले के छपारा की निवासी हैं। चूँकि जिला पंजीयक और उप पंजीयक कार्यालय में जनता से सीधे जुड़े मामले आते हैं और बिना चढ़ौत्तरी काम नहीं होता है इसलिये अगर अधिकारियों के द्वारा किसी दल विशेष को वोट देने के लिये प्रेरित किया जाता है तो यह भी गंभीर मसला ही माना जायेगा।

सूत्रों ने कहा कि जमीन, मकान, दुकान की रजिस्ट्री के लिये आने वाले लोगों से जिला पंजीयक निधि जैन और प्रभारी उप पंजीयक (जिनकी पदस्थापना मूल रूप से लिपिक के रूप में है) फुल्लू डोहले के द्वारा दल विशेष के लिये चुनाव प्रचार किया जाकर आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।

सूत्रों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि 10 अप्रैल से लगातार हो रहीं शिकायतों के बाद अब तक जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा जिला पंजीयक या प्रभारी उप पंजीयक को न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और न ही जन संपर्क विभाग के द्वारा जारी होने वाली सरकारी विज्ञप्तियों में ही इस तरह की किसी बात का जिक्र किया गया है।

सूत्रों ने यह भी कहा कि जिला पंजीयक और उप पंजीयक कार्यालय को देखकर यह लग रहा है मानो यह सरकारी कार्यालय की बजाय किसी सियासी दल का कार्यालय बन गया हो। सूत्रों ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में जिला प्रशासन के द्वारा तत्काल ही कठोर कदम उठाये जाने चाहिये।

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