आग उगल रहे अस्पताल के वार्ड

 

बंद पंखों को निहार रहे मरीज

(ब्यूरो कार्यालय)

धनौरा (साई)। भीषण गर्मी के इस दौर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्त्ती मरीजों को कूलर तो छोड़िये पंखों की हवा भी नसीब नहीं हो पा रही है।

गर्मी के इस मौस में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनौरा में लगे पंखे शोभा की सुपारी बने हुए है। यहाँ भर्त्ती हुए मरीज एवं उनके परिजन भीषण गर्मी में रहने को मजबूर है। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में लगे कई पंखे बंद पड़े हैं जिसके कारण उन्हें गर्मी में पसीना बहाना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों के अनुसार पेपर या कपड़े से हवा कर वे मरीजों को किसी तरह राहत दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि दस बात की शिकायत कई बार की गयी लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नही देता। उल्लेखनीय होगा कि हर साल लाखों करोड़ों रूपये मरीजों की सुविधाओं में खर्च किये जाने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि विकास खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ.बेलिया अस्पताल से अधिकतर नदारतद रहते हैं। उपचार के लिये डॉक्टर प्रसाद ही लोगों को उपलब्ध हो पाते हैं। मरीज के परिजनों का कहना है कि रोगी कल्याण समिति के लाखों रुपया खर्च होने के बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से जूझना पड़ रहा है।

सूत्र बताते हैं कि जिले से जो सामग्री अस्पताल को दी गयी है उनका भौतिक निरीक्षण अधिकारियों द्वारा किया जाये और रोगी कल्याण समिति की जो राशि अस्पताल में खर्च की गयी उनकी जाँच हो जाये तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।

इतना ही नहीं अगर अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीव्ही कैमरे के फुटेज खंगाल लिये जायें तो यह भी पता चल जायेगा कि विकास खण्ड चिकित्सा अधिकारी श्री बेलिया आखिर कितने दिन कितनी देर तक अस्पताल में उपस्थित रहते हैं।

बताया जाता है कि प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी. मेश्राम से भी दर्जनों बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन उनका भी इस ओर ध्यान न देना कई सवाल उत्पन्न करता है। लोगों ने संवेदनशील जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के ध्यानाकर्षण की जनापेक्षा व्यक्त की है।