मतदाता ने निभाया कर्त्तव्य, अब सियासतदारों की बारी!

 

रविदास मिशन के अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने जारी की विज्ञप्ति

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिले के साथ पिछले 25 वर्षाें से सभी जन प्रतिनिधियों ने धोखा किया है। इन्होंने अपने एक भी वायदे पूरे नहीं किये। बड़ी रेल्वे लाईन आज तक नहीं आयी, लोग रोजगार के लिये देश के अन्य क्षेत्रों में पलायन करते देखे जा सकते हैं, हाल ये हैं कि सिवनी जिले के किसी भी सरकार अस्पताल में जनता को उचित ईलाज नहीं मिलता है और तो और करोड़ों रूपये की पेयजल योजना लागू होने के बाद भी जिले के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।

उक्ताशय के विचार व्यक्त करते हुए रविदास शिक्षा मिशन के अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने कहा कि इसके बाद भी जनता ने लोकतंत्र के महापर्व में उम्मीद से अधिक अपने वोट का उपयोग किया। इस तरह जनता ने अपने लोकतांत्रिक कर्त्तव्य का पालन किया लेकिन निर्लज्ज जन प्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता ने अपना फर्ज अदा कर दिया है अब सांसद – विधायकों की बारी है।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लोकतंत्र के महापर्व के दौरान उचित ईलाज के अभाव में दो कर्मचारियों की अकाल मृत्यु हो गयी। इसी दौरान जिले के कई क्षेत्र पेयजल की गंभीर समस्या से जूझते देखे गये। जब लोकतंत्र के महापर्व का ये हाल था तो आम दिनों में जिले की जनता के साथ जन प्रतिनिधि और जिला प्रशासन किसी तरह से आँख बंद करके मूक दर्शक बना रहता है।

संत रविदास मिशन के अध्यक्ष ने आगे कहा कि आम जनता पेयजल के लिये लगभग पूरे साल परेशान रहती है। नगर की जलापूर्ति प्रणाली का अवलोकन करने से ज्ञात हुआ है कि यहाँ रसूखदारों के लिये मुख्य पाईप लाईन से उनके घर तक नल कनेक्शन लगे हुए हैं जिनसे उन्हें भरपूर पानी मिलता है।

उन्होंने कहा कि पार्षदों के इशारों पर कुछ नागरिक भी अपनी पहुँच का फायदा उठाकर पाईप लाईन से सीधे पानी प्राप्त कर रहे है। नल कनेक्शन लगाने वाले मैकेनिकों की चालाकी भी बड़े गजब की है वे जहाँ से उनकी जेब गर्म होती है उनके लिये नल कनेक्शन पाईप लाईन के नीचे से जोड़ा जाता है। शेष के लिये पाईप लाईन के ऊपर या आजू बाजू से नल कनेक्शन जोड़ दिये जाते हैं।

रघुवीर अहरवाल ने आगे कहा कि वैसे तो हर साल गर्मी के दिनों में नगर में पानी की ज्यादा किल्लत होती है इसके बाद भी नगर पालिका परिषद सिवनी द्वारा इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता है। नगर में जो गंदा पानी सप्लाई होता है उसके लिये नगर पालिका पूरी तरह जिम्मेदार है। फिल्टर प्लांट से हर वर्ष करोड़ों रूपये पानी को साफ करने के मद में खर्च किये जाते हैं। जाहिर है ये करोड़ों रूपये में हेराफेरी होती है। इसलिये नागरिकों को गंदा पानी प्रदाय किया जाता है। पेयजल वितरण में पूरे नगर में भयानक भेदभाव किया जा रहा है। कहीं भरपूर पानी है तो कहीं एक गुण्डी पानी के लिये नल कनेक्शन धारी भी तरस रहे हैं।

रविदास शिक्षा मिशन के अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने आगे बताया कि नगर में स्थित इंदिरा गाँधी जिला चिकित्सालय अपने समय का गौरवशाली चिकित्सालय था। वर्तमान में यह नागरिकों के लिये सिरदर्द साबित हो रहा है। यहाँ के चिकित्सक अपनी प्राईवेट क्लीनिक लगाकर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत देखे जा सकते हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधि इनके खिलाफ कोई उचित कार्यवाही नहीं करते।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसका कारण साफ है कि इनका महीना बंधा होगा। जिले में जो भी कलेक्टर आते हैं वे जिला चिकित्सालय में जरूर उचित ईलाज के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हैं। इसके बाद भी जिला चिकित्सालय से आम जनता को उचित ईलाज नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में अनेक समस्याओं से जूझते हुए जिले के नागरिकों ने ईलाज, पानी नहीं मिलने पर भी अपने कर्त्तव्य का उत्साह जनक पालन किया। शायद यह बात निर्लज्ज जन प्रतिनिधियों को सबक सिखायेगी कि वे भी अपने कर्त्तव्य का पालन करें।