सूदखारों पर कस सकता है शिकंजा

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)।  साहूकारी का व्यवसाय करने वाले गैर-लाइसेंसी साहूकारों तथा निर्धारित अधिकतम ब्याज दर से अधिक ब्याज लेने वाले साहूकारों पर अब सरकार शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नियंत्रण और कार्यवाही के प्रावधान शामिल करने के लिये मध्य प्रदेश साहूकार अधिनियम की समीक्षा करने का निर्णय ले लिया गया है।

अनाधिकृत इन्वेस्टमेंट सलाहकारों के विरुद्ध भी तत्काल कार्यवाही की जायेगी। मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती की अध्यक्षता में गैर-बैंकिंग वित्तीय स्थापनाओं (एनबीएफसी) एवं अनिगमित निकायों के लिये गठित राज्य-स्तरीय समिति की बैठक में यह फैसले लिए गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में जिन 04 जिलों से जनहित बैंक की गतिविधियों के बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है, की पुष्टि कराकर यह सुनिश्चित किया जाये कि बैंक द्वारा अवैधानिक गतिविधियों को संचालित नहीं किया जा सके।

समिति ने सीहोर एवं रतलाम जिले में जमा स्वीकार करने वाली कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं किये जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर्स द्वारा त्वरित कार्यवाही करने का निर्णय लिया है। समिति ने तय किया कि एसटीएफ को शिकायतें भेजने के पूर्व सेबी द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि शिकायत में किस धारा के अंतर्गत संज्ञेय अपराध बनता है, जिससे ऐसे मामले में तत्काल कार्यवाही हो सकेगी। जिन 24 प्रकरणों में संज्ञेय अपराध नहीं होने से सीआईडी द्वारा कार्यवाही नहीं की जा सकी है उनके संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक पुनः जांच कर सीआईडी को सूचित करेगा।