15 बार मौका दिए जाने के बावजूद जवाब न आने पर लगाया जुर्माना

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक के बाद एक 15 अवसर देने के बावजूद जवाब पेश न करने के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ अमरकंटक नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभा पनारिया, अनूपपुर कलेक्टर, एसडीओ पुष्पराजनगर व शहडोल कमिश्नर पर पांच-पांच हजार का जुर्माना (कॉस्ट) लगा दिया। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की एकलपीठ ने आगामी सुनवाई तिथि 8 जुलाई तक सभी को अनिवार्य रूप से जवाब प्रस्तुत करने सख्त निर्देश दिया है।

अमरकंटक जिला अनूपपुर निवासी मनमोहन पनिका ने 2017 में याचिका दायर कर कहा था कि अमरकंटक नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभा पनारिया मूलतः डिंडौरी जिले की निवासी हैं। उनकी जाति अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) अंतर्गत आती है, लेकिन पनारिया ने अमरकंटक नगर पंचायत की आदिवासी वर्ग (एसटी) के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के लिए फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर पेश कर दिया।

इसके आधार पर वे चुनाव लड़कर नगर पंचायत अध्यक्ष भी बन गईं। इसे अवैध बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई। अधिवक्ता केके पांडेय, कौशलेश पांडेय ने कोर्ट को बताया कि लगातार मौके दिए जाने के बावजूद पिछली पन्द्रह सुनवाईयों से पनारिया सहित अन्य अनावेदकों ने हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब तक पेश नहीं किया। इस पर कोर्ट ने सभी पर जुर्माना (कॉस्ट) लगा दिया।

6 thoughts on “15 बार मौका दिए जाने के बावजूद जवाब न आने पर लगाया जुर्माना

  1. Pingback: pinewswire
  2. Pingback: click here
  3. Pingback: 메이저놀이터

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *