मेहराबोड़ी में जारी है श्रीमदभागवत

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। ग्राम मेहराबोड़ी में चल रहे श्रीमद भागवत कथा सत्संग के आयोजन में श्रीमद भागवत के कथा श्रवण की विधि बताते हुए योग सम्राट आचार्य महेंद्र मिश्र ने बताया कि जो व्यक्ति श्रीकृष्ण की कथा करे, कीर्तन करे, ऐसे वैष्णव भक्त के हदय में आप विराजमान हों, बैकुण्ठ का आनन्द श्रीमद भागवत कथा में मिलता है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक इंद्रियों की शुद्धता ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए भागवत कथा का श्रवण पूर्ण समर्पण के साथ श्रवण करना चाहिये। क्रोधित होने से पुण्य का क्षय होता है, वक्ता एवं श्रोता दोनों ही क्रोध न करें। श्रेष्ठ सत्कर्मों में अनेक विघ्न बाधाएं आती हैं, उन सभी के निवारण के लिये मंगला चरण की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि कथा में बैठने के पूर्व भी मंगलाचरण करो, देवगण भी सत्कर्म मर विघ्न, रुकावट पैदा करते हैं। देवों को भी ईर्ष्या होती है कि नारायण का ध्यान करेगा तो यह भी हमारे समान हो जायेगा, अतः देवों से भी प्रार्थना करना आवश्यक है कि हे देव हमारे सत्कर्म में रुकावट न करना, सूर्य वरुण आदि कल्याण और कृपा करें। उन्होंने कहा कि जिसका आचरण मंगल है उसका मनन ओर चिंतन करना ही मंगलाचरण है।

उन्होंने कहा कि ईश्वर पूर्ण निष्काम है, अतः उनका ध्यान करो, नेमिशारण्य में सूतजी से शौनक आदि ऋषियों के छः अवतार संबंधी प्रश्न, नारदजी के पूर्व जन्म का वृतांत भागवत ग्रन्थ की रचना, ब्रह्म अस्त्र से परीक्षित की रक्षा, युधिष्ठिर का राज्य अभिषेक, कृष्ण का द्वारका में प्रस्थान, विदुर का उपदेश की कथाएं संपन्न है। आयोजकों ने बताया कि इसके उपरांत शिव पार्वती की कथा होगी।

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