तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा दोगुना पैसा!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

छपारा (साई)। तेंदूपत्ता गरीब मजदूर वर्ग के लिये गर्मी के मौसम में रोजगार का अच्छा साधन है। संग्राहक तेंदूपत्ता तोड़कर अपनी मेहनत से अच्छी खासी आमदनी भी कर लेते हैं। इस बार मौसम की बार – बार की खराबी के चलते तेंदूपत्ता उत्पादन में कमी आ सकती है।

वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो तेंदूपत्ता उत्पादन के लिये तेज गर्मी खुला मौसम मुफीद होता है जिससे पत्ता अच्छा तैयार होता है। हालांकि बेहतर उत्पादन हो सके, इसको लेकर वन विभाग ने तेंदू पत्ते की साक करधन भी करवाया है जिससे तेंदू पत्ते की उत्पादन अच्छा होता है।

वन परिक्षेत्र छपारा के अंतर्गत आने वाले भीमगढ़, चमारी, छपारा सर्किल में तीन समितियां तेंदूपत्ता छुड़वाने की काम करती हैं जिसकी शुरुआत शुक्रवार से कर दी गयी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी माधव राव उईके ने बताया कि इस बार 5700 मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है जिसको पूरा करने के लिये प्रयास जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मौसम का मिजाज ठीक रहा तो उत्पादन अच्छा हो सकता है, जिससे सग्राहकों को अच्छी आमदनी हो सकती है। यदि मौसम का मिजाज ठीक नहीं रहा तो सग्राहकों को भी कम पत्ते की आवक से आर्थिक नुकसान होगा। फिलहाल उम्मीद की जा रही है इस बार भी बेहतर उत्पादन वन परिक्षेत्र छपारा की समितियों का रहेगा।

उन्होंने कहा कि तेंदू पत्ते का भुगतान संग्राहकों को मिलेगा। इस बार से तेंदूपत्ता संग्राहकों को अपने भुगतान के लिये बैंकों के चक्कर काटना नहीं पड़ेगा उनको नगद भुगतान किया जायेगा।

125 रूपये सैकड़ा की जगह अब मिलेंगे 250 रूपये : तेंदूपत्ता संग्राहक इस बार जितनी ज्यादा मेहनत करेंगे उतना मुनाफा ज्यादा कमा सकते हैं। इस बार कमल नाथ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति सैकड़ा 125 की बजाय 250 रूपये देने के निर्देश दिये हैं।