गर्मी में बिजली बंद होने से लोग हो रहे परेशान

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। नगर में बिजली की आँख मिचौली लगातार जारी है जिसके कारण इस भीषण गर्मी में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आलम यह है कि कभी लो वोल्टेज तो कभी बिजली बंद हो जाती है। गत दोपहर 03 बजे गोल हुई बिजली लगभग सवा चार बजे वापस लौटी।

उक्त संबंध में अनेक बार विद्युत वितरण कंपनी के शहर कार्यालय में फोन लगाकर बिजली बंद होने की शिकायत दर्ज कराने का प्रयास उपभोक्ताओं द्वारा किया गया लेकिन कार्यालय का फोन लगातार व्यस्त ही बताया जाता रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके द्वारा बिजली बंद होने पर जब भी कार्यालय में शिकायत हेतु फोन लगाया जाता है तो फोन व्यस्त कर दिया जाता है।

इतना ही नहीं कभी फोन उठता है तो शिकायत लिखने के पहले कहा जाता है कि थोड़ी देर इंतजार कर लो यदि फिर बिजली नहीं आयी तो शिकायत करना। शिकायत लिखने में भी आनाकानी करना आम बात हो गयी है। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि जब जिला मुख्यालय में बिजली गोल हो रही है तो ग्रामीण अंचलों में बिजली बंद होने की स्थिति क्या होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

शहर कार्यालय में मनमानी का दौर : बिजली उपभोक्ता रामभरोस सनोडिया का कहना है कि पूर्व में भी विद्युत कार्यालय में चल रही मनमानी की शिकायत विभाग के अधिकारियों से की गयी थी लेकिन उनके द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया जिससे कार्यालय में मनमानी का आलम है।

कार्यालय के पूर्व ए.ई. का स्थानांतरण होने के बाद से स्थिति और भी बदतर हो गयी है। कार्यालय के बाबू आये दिन अपनी सीट से नदारद रहते हैं और उपभोक्ता उनके इंतजार में घण्टों कार्यालय में बैठे रहते हैं और उनके काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। यहाँ के अधिकारी भी उपभोक्ताओं की समस्याओं के निदान हेतु सार्थक प्रयास नहीं कर रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं में खासा रोष व्याप्त है।

नये बिजली कनेक्शन लेने के लिये उपभोक्ताओं को नियम कानून का पाठ अधिकारी अवश्य पढ़ाकर उन्हें टकरा देते हैं। एक ओर तो शासन बिजली कनेक्शन लेने के लिये सरल नियम कानून बनाती है लेकिन इस कार्यालय के अधिकारियों द्वारा न जाने क्यों उपभोक्ताओं को नये कनेक्शन देने में आनाकानी की जाती है। नगर में चाहे जब बिजली गोल होने से त्रस्त उपभोक्ताओं ने अब सी.एम. हेल्प लाईन में शिकायत करने का मन बनाया है। उनका कहना है कि ऐन गर्मी में दोपहर में बिजली बंद होने से उनके कूलर पंखे शोभा की सुपारी बनकर रह जाते हैं।

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