मुझे किया जा रहा जबरन परेशान : गौवंशी

 

 

राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजी अशोक गौवंशी ने शिकायत

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं जिला चिकित्सालय में एड्स नियंत्रण सेल में पदस्थ परामर्शदाता अशोक गौवंशी के बीच हुआ विवाद थमता नहीं दिख रहा है। अशोक गौवंशी के द्वारा जिला कलेक्टर पर दुर्भावनापूर्वक परेशान करने के आरोप लगाये गये हैं।

मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग के मुख्य पदाधिकारी को भेजे पत्र में अशोक गौवंशी ने कहा है कि वे जिला चिकित्सालय में आईसीटीसी परामर्शदाता के पद पर पदस्थ हैं। वे रक्त कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं एवं अधिक काम करने से उन्हें थकान भी हो जाती है।

अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि सोमवार को वे अपने कर्त्तव्य पर उपस्थित हुए। भोजन अवकाश के दौरान वे कुछ काम के सिलसिले में सीएमएचओ कार्यालय गये। इस दौरान उन्हें उप जिला निर्चाचन अधिकारी का आदेश देने का प्रयास किया गया। उनके द्वारा यह कहा गया कि इस आदेश को उचित माध्यम (सिविल सर्जन) से भेजा जाये।

उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा कि सीएस कार्यालय के जरिये उन्हें यह आदेश दोपहर को प्राप्त हुआ। इस आदेश में उन्हें दोपहर तीन बजे से रात आठ बजे तक जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश दिये गये थे। उन्होंने बताया कि शाम लगभग पाँच बजे उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा उन्हें अपने कक्ष में बुलाया जाकर उनसे कहा गया कि उन्हें (अशोक गौवंशी को) जो काम दिये गये हैं वे कर लेंगे!

अपने पत्र में उन्होंने आगे कहा है कि जिस बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा कहा जा रहा है उसके लिये उन्हें (अशोक गौवंशी को) प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा इस बात को लिखित रूप में देने के निर्देश दिये गये एवं यह भी कहा गया कि इस आवेदन पर उनकी ड्यूटी निरस्त कर दी जायेगी।

अपने पत्र में अशोक गौवंशी ने आगे कहा है कि उनके द्वारा आवेदन दिये जाने के बाद शाम 06 बजकर 41 मिनिट पर उन्हें एक और आदेश दिया गया। नये आदेश में उनकी ड्यूटी दोपहर तीन बजे से रात आठ बजे के स्थान पर शाम चार बजे से रात 12 बजे तक के लिये लगा दी गयी। उन्होंने कहा कि वे सुबह 08 बजे अपने कर्त्तव्य पर जिला अस्पताल में उपस्थित हुए थे। इस लिहाज से उन्हें काम करते – करते 12 घण्टे से अधिक का समय बीत चुका था।

अपने पत्र में अशोक गौवंशी ने आरोप लगाये हैं कि उनकी यह ड्यूटी भी जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच के द्वारा दुर्भावना पूर्वक लगायी गयी है, क्योंकि वे उनकी (अशोक गौवंशी की) सेवाएं समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने इस पत्र में 04 मई को उनके (अशोक गौवंशी के) साथ किये गये दुर्व्यवहार की शिकायत मुख्य सचिव से किये जाने का उल्लेख भी किया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें प्रताड़ित करने के लिये उनसे 18 घण्टे की ड्यूटी करवायी जा रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि रात्रि 12 बजे ड्यूटी समाप्त करने के उपरांत उनके साथ किसी तरह की अप्रिय घटना भी घटित हो सकती है, उनकी जान को खतरा भी हो सकता है इसलिये वे इस तरह की सूचना निर्वाचन आयोग को दे रहे हैं।