इसलिये गंदगी फैल रही अस्पताल में!

 

 

चौबीसों घण्टे मरीजों के परिजन घूमते रहते हैं अस्पताल में!

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। इंदिरा गाँधी जिला अस्पताल में बारिश का पानी रोकने के लिये बनाये जा रहे छज्जों को तोड़ा जा रहा है। इसके पीछे वजह यह बतायी जा रही है कि इन छज्जों पर मरीजों के परिजन गंदगी फैंकते हैं, जबकि मरीजों से मिलने का समय अस्पताल में निर्धारित होने के बाद भी चौबीसों घण्टे अस्पताल के द्वार किसी धर्मशाला की तरह ही खुले रहते हैं।

अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा जिला अस्पताल को सुव्यवस्थित करने का प्रयास आरंभ किया गया है। इस प्रयास में उन्हें अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के कर्णधारों के द्वारा पूरी तरह बरगलाया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो जिला अस्पताल में छज्जों पर फैली गंदगी को लेकर अस्पताल प्रशासन के द्वारा जिला कलेक्टर को यह बताया गया कि मरीजों के परिजनों के द्वारा इन छज्जों पर बचा हुआ खाना आदि फेंका जाता है जिसके चलते यहाँ गंदगी पसरी रहती है। बेहतर होगा कि इन छज्जों को तोड़कर यहाँ टीन या अन्य शेड लगा दिये जायें।

सूत्रों ने बताया कि दरअसल अस्पताल प्रशासन के द्वारा अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों से मिलने का समय निर्धारित है। इस समय को छोड़कर अन्य समय अस्पताल के द्वारा बंद रहना चाहिये ताकि मरीज आराम कर सकें।

सूत्रों की मानें तो सालों से अस्पताल के सारे गेट चौबीसों घण्टे खुले रहते हैं, जिसके चलते अस्पताल के अंदर चौबीसों घण्टे लोगों की आवाजाही बनी रहती है। रात को भी मरीजों के अनेक परिजनों को कॉरीडोर में सोते हुए देखा जा सकता है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे (अगर चालू हों तो) के जरिये रात के समय का नजारा भी आसानी से देखा जा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि अस्पताल की सुरक्षा में तैनात कर्मियों को चाहिये कि वे मरीजों से मिलने का समय आरंभ होने पर द्वारा खोलें और उसके समाप्त होने पर द्वार बंद कर दें। चूँकि अस्पताल में सुरक्षा कर्मी गायब रहते हैं इसलिये यह काम संभव नहीं हो पाता है। जिलाधिकारी को चाहिये कि छोटे मोटे कर्मचारियों पर कार्यवाही करने की बजाय अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाये तभी व्यवस्था में सुधार परिलक्षित हो पायेगा।