जिले में जारी है गेस्ट्रोइंट्राईटिस का कहर!

 

 

ई कोलाई वायरस की मौजूदगी कर रही लोगों को बीमार!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। जिले भर में आंत्रशोध, उल्टी दस्त की बीमारी जमकर कहर बरपा रही है। जिला चिकित्सालय में रोजाना ही पचास से ज्यादा मरीज इस तरह के मर्ज के भर्त्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल का आईसोलेशन वार्ड इस तरह की बीमारी के मरीजों से भरा पड़ा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिले भर के जल स्त्रोतों के पानी की अगर सही तरीके से जाँच करवायी जाये तो अधिकांश जल स्त्रोतों में ई कोलाई वायरस पाये जाने की उम्मीद है। लोग अमीबाईसिस, आंत्रशोध, उल्टी दस्त की बीमारी से जूझ रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि दरअसल जल स्त्रोतों के आसपास साफ – सफाई का अभाव ही ई कोलाई वायरस के पनपने के लिये उपजाऊ माहौल तैयार करता है। जल स्त्रोतों के आसपास गंदगी होने के कारण जल स्त्रोत भी प्रदूषित हुए बिना नहीं रह जाते हैं। एक बार अगर जल में ई कोलाई वायरस प्रवेश कर गया तो उसे हटाने में भारी मशक्कत करना पड़ती है।

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि जिला मुख्यालय में नगर पालिका के द्वारा जिन पाईप लाईन के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है वह नालियों से होकर गुजरती है। ये पाईप लाईन या तो जर्जर हो चुकी हैं या उनमें लीकेज़ है।

सूत्रों का कहना है कि पालिका की इन्हीं पाईप लाईन के माध्यम से नालियों का पानी, पाईप लाईनों के माध्यमों से लोगों के नलों से निकलता है। यही कारण है कि शहर में लोगों की आम शिकायत है कि शुरूआती दो से पाँच मिनिट तक गंदा पानी नलों के जरिये आता है।

सूत्रों ने बताया कि आंत्रशोध, उल्टी दस्त जैसी महामारियों का प्रकोप मार्च से सितंबर माह तक जबर्दस्त रहता है। हर साल, इसी अवधि में चिकित्सालयों में इस तरह की बीमारियों के मरीजों की खासी तादाद देखी जाती है। वैसे भी कहा जाता है कि पानी ही पंचानबे प्रतिशत बीमारियों की जड़ होता है। इसके बाद भी नगर पालिका इसके शोधन और साफ पेयजल, लोगों के घरों तक पहुँचाने के मामले में पूरी तरह असफल ही नजर आती है।

सूत्रों का कहना है कि लोगों के द्वारा अपने घरों के शुष्क शौचालयों के सेप्टिक टैंक का ओवर फ्लो भी नालियों में मिला दिया जाता है जिसके चलते पेयजल में गंदगी मिलना आम बात हो गयी हैै। जिला प्रशासन से जनापेक्षा की जा रही है कि इस तरह की व्यवस्थाओं पर अंकुश लगाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को बंद किया जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *