‘क्यों खत्म कर रहे मेडिकल डिप्लोमा सीट’ : हाईकोर्ट

 

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की ग्रीष्म अवकाश कालीन युगलपीठ ने मेडिकल डिप्लोमा सीट खत्म करके डिग्री सीट में कंवर्ट किए जाने के रवैये पर जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में केन्द्र शासन व मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को नोटिस जारी किए गए हैं।

सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी डॉ.ज्योत्सना मेश्राम सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता नीलेश कोटेजा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) का रेगुलेशन 20 (9) चुनौती के योग्य है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह क्लियर नहीं है। इस वजह से मेडिकल डिप्लोमा स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ने की स्थिति निर्मित हो गई है।

इनमें जबलपुर सहित प्रदेश भर के कई मेडिकल डिप्लोमा स्टूडेंट्स शामिल हैं। पूर्व में उनकी ओर से संयुक्त रूप से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने पृथक-पृथक याचिकाएं दायर किए जाने की व्यवस्था दे दी थी। उसी के पालन में जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर बेंच में अलग-अलग पिटीशन दायर की गई हैं। यदि मेडिकल डिप्लोमा सीट का अस्तित्व खत्म करके डिग्री सीट में कंवर्ट किया गया तो कई छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। लिहाजा, अनुचित कार्रवाई पर अविलंब रोक लगाई जानी चाहिए।

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