नाली में कचरा डालने वाले भी कम सिरदर्द नहीं

 

मुझे शिकायत उन लोगों से है जो ये समझते हैं कि शहर की नालियां इसलिये बनीं हैं ताकि उनमें कचरा डाला जा सके।

सिवनी में नगर पालिका की मेहरबानी से नालियों का निर्माण ठेकेदारों के द्वारा कुछ इस तरह से किया गया है कि उनमें पानी तो भर जाता है लेकिन वह आगे नहीं बढ़ पाता है। शहर की बहुत ही कम और गिनी चुनी नालियों ही ऐसी होंगी जिनमें पानी नहीं ठहरता या उनमें पानी भरा नहीं दिखायी देता है।

इस पर भी शहर के कुछ ऐसे वाशिंदे हैं जो नालियों में कचरा डालकर उनको जाम करने से नहीं चूकते हैं। ऐसे नागरिक शायद यह मानकर चलते हैं कि नगर पालिका के द्वारा रोजाना ही नालियों की सफाई करवायी जा रही है इसलिये उनके द्वारा नाली में डाला गया कचरा भी साफ हो जायेगा। वस्तुतः ऐसा है नहीं। शहर के कई वार्डों के अनेंकों ऐसे हिस्से हैं जहाँ नगर पालिका के द्वारा रोजाना नालियों की सफाई नहीं करवायी जा रही है।

इनमें से कई नालियां तो ऐसी हैं जो वाडों की प्रमुख सड़कों में शुमार होती हैं और इस नाते उनकी रोजाना सफाई की जाना चाहिये जो नहीं की जा रही है। देखने वाली बात यह है कि सड़क की ओर जो नालियां स्थित हैं उनकी सफाई कभी-कभार तो नगर पालिका के द्वारा करवा भी दी जाती है लेकिन लोगों के घरों के हिस्सों में स्थित नालियों की सफाई नगर पालिका के द्वारा बिल्कुल नहीं करवायी जाती है। उन नालियों का कचरा यथावत बना रहता है।

घरों के पीछे स्थित नालियों में भी उन घरों में रहने वाले लोग कचरा फेंकने से बाज नहीं आते हैं, यह जानते हुए भी कि उनकी सफाई नगर पालिका के द्वारा नहीं करवायी जायेगी। इस तरह की मानसिकता वाले लोगों का क्या किया जा सकता है। इन्हें गंदगी पसंद ही कहा जा सकता है लेकिन उससे समस्या का हल नहीं हो सकता। नालियों में कचरा फेंकने वाले लोगों के कारण गंदगी फैलती है और फिर यही गंदगी बीमारियों का कारण बनती हैं लेकिन शहर के कुछ नागरिक जागरूकता के अभाव में यह बात समझ ही नहीं पाते हैं और या फिर वे समझना नहीं चाहते हैं। ऐसे लोगों को एक मुहिम के तहत समझाईश दिये जाने की आवश्यकता प्रतीत होती है।

इतना ही नहीं शहर के कई वाशिंदे तो ऐसे भी हैं जो नालियों को इसलिये चोक कर देते हैं क्योंकि उनमें आने वाला पानी उनके स्वयं के घर के लिये परेशानी का कारण बन रहा होता है। ऐसे नागरिकों को अपने घर से आगे की ओर नालियों की सफाई करवाने की बजाय वे उस स्थान पर नालियों को जाम कर देते हैं जहाँ से दूसरे घरों का पानी आ रहा होता है। इस तरह की मानसिकता वाले लोग सिरदर्द ही कहे जा सकते हैं। वास्तव में यदि उनके द्वारा अपने घर से आगे की तरफ नाली की सफाई कर ली जाये तो न उनको समस्या होगी और न वे किसी अन्य के लिये सिरदर्द साबित होंगे। ऐसे नासमझ लोगों को जागरूक किये जाने की आवश्यकता है और उन्हें यह भी बताया जाना चाहिये कि कचरा फेंकने के लिये डस्टबिन का उपयोग किया जाये ताकि गंदगी न फैल सके।

डी.एस. पाबला

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