निर्धारित स्थलों पर ही करें प्रतिमाएं विसर्जित

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भगवान गणेश एवं माता दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान होने वाले प्रदूषण के संबंध में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गये हैं।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इन दिशा निर्देशों के तहत प्रतिमाओं के निर्माण में प्लास्टर ऑफ पैरिस (पीओपी) का इस्तेमाल नहीं करने तथा विसर्जन निर्धारित स्थल एवं कुण्डों में किया जाकर ठोस अपशिष्टों को मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मार्गदर्शिका अनुसार निर्धारित स्थल पर अपवहित किये जाने बाबत निर्देश जारी किये गये हैं।

उक्त संबंध में अपेक्षा की गयी है कि किसी भी नदी, जल स्त्रोत में मूर्ति विसर्जन के परिप्रेक्ष्य में यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है कि कोई सिंथेटिक मेटेरियल, कपड़ा प्लास्टिक, फूल, केमिकल, रंग आदि का विसर्जन मूर्ति के साथ नहीं किया जा सके। मूर्ति विसर्जन के 24 घण्टे के अंदर विसर्जित मूर्ति से उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के रूप में बांस, रस्सी, बल्ली, मिट्टी, पी.ओ.पी., प्रतिमा के हिस्से इत्यादि को एकत्रित कर नगरीय ठोस अपशिष्ट नियम 2000 के प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में जिला प्रशासन एवं लोकल एथॉरिटी (नगर निगम या नगरीय निकाय) द्वारा किया जाये।

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नागरिकों से अपील की गयी है कि वे प्रतिमा विसर्जन के पूर्व पूजन सामग्री जैसे वस्त्र, फूल एवं साज सज्जा का सामान (पेपर तथा प्लास्टिक का बना) इत्यादि पृथक करके विसर्जित करें।

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