पिछले 45 साल से कांच खाने का है ‘नशा’ है इसे . . .

 

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

डिंडोरी (साई)। आपने लोहे के चने चबाने वाला मुहावरा सुना होगा, लेकिन एक शख्‍स है जो कांच से बनी चीजों को चने की तरह चबा जाता है। यह हैं मध्‍य प्रदेश के डिंडोरी जिले के दयाराम साहू। दयाराम साहू कांच की बनी बोतलें, बल्‍ब और दूसरी चीजें बड़े आराम से खा जाते हैं।

पेशे से वकील दयाराम साहू पिछले 40-45 साल से कांच खा रहे हैं। अपनी इस अनोखी आदत के बारे में दयाराम साहू का कहना है, ‘मुझे कांच खाने का नशा है। हालांकि इस आदत की वजह से मेरे दांत खराब हो गए हैं। मैं किसी और को ऐसा करने की सलाह नहीं दूंगा क्‍योंकि यह सेहत के लिए बहुत खतरनाक है। अब मैं पहले से कम कांच खाने लगा हूं।‘ (देखें विडियो)

दयाराम साहू की उम्र लगभग 60 वर्ष है। वह 14-15 साल की उम्र से ही कांच खा रहे हैं। उनसे पूछा गया कि इसकी शुरुआत कैसे हुई तो उन्‍होंने बताया, ‘मैं कुछ अलग करना चाह रहा था, इसलिए मैंने कांच खाना शुरू किया।

“मुझे कांच खाने का नशा है। इस आदत की वजह से मेरे दांत खराब हो गए हैं। मैं किसी और को ऐसा करने की सलाह नहीं दूंगा, क्‍योंकि यह सेहत के लिए बहुत खतरनाक है।”-दयाराम साहू

लेकिन हैरानी की बात है कि दयाराम साहू को अपनी इस आदत की वजह से दांतों को छोड़कर कोई और शारीरिक समस्‍या नहीं हुई। पहले वह एक बार में एक किलो तक कांच खा जाते थे लेकिन अब उन्‍होंने दांतों की वजह से इसे कम कर दिया है।