सिंगल यूज प्लास्टिक का हो उपयोग बंद : नीता

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिंगल यूज प्लास्टिक न सिर्फ पर्यावरण के लिये एक बड़ा खतरा है बल्कि अब यह मानव शरीर में भी धीमे जहर की तरह फैलते जा रहा है। यह देश के लिये एक ज्वलंत और विकराल समस्या बन गया है।

पूर्व सांसद श्रीमति नीता पटेरिया द्वारा उक्त आशय के विचार सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान पर व्यक्त करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने भाषण के दौरान इस मुद्दे पर न सिर्फ देशवासियों से इसका उपयोग बंद करने की अपील की है बल्कि इस हेतु समाज के बीच एक जन जागृति अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया है।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक से बनने वाले सामान आज जीवन की आवश्यकता बन गये हैं। विशेषकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक (जिसे डिस्पोजल प्लास्टिक भी कहते हैं) जिनमें प्रमुख रूप से पॉलीथिन की थैलियां, कप, प्लेट, बोतल इत्यादि हैं। यह रोज उपयोग किये जाने वाली प्लास्टिक के ऐसे समान हैं जो एक बार उपयोग के बाद बेकार हो जाते हैं और फिर, पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाते हैं।

श्रीमति पटेरिया ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर समूचे विश्व में व्याप्त हो गयी है। जो प्लास्टिक उपयोग के बाद जमीन में दफन हो जाता है वह कुछ समय पश्चात जहरीले रसायन छोड़ने लगता है जो पानी और खाद्य सामग्री के माध्यम से शरीर में पहुँचते हैं और गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं।

उन्होंने कहा कि जो प्लास्टिक पानी के माध्यम से नदी, तालाब या समुद्र में पहुँचता है वह वहाँ के जीवों को नुकसान पहुँचाता है। एक बार निर्मित होने के बाद सैकड़ों साल तक नष्ट न होने वाला प्लास्टिक मानव जाति के भविष्य के लिये भयावह एवं विकट समस्या का रूप ले रहा है। अतः जरूरी है कि सभी इस के प्रति सचेत हों तथा इसके उपयोग से स्वयं परहेज़ करने का प्रयास करें।