चर्चाओं में है फग्गन सिंह का स्टिंग ऑपरेशन

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का टीवी 09 भारत वर्ष के द्वारा किया गया स्टिंग ऑपरेशन चर्चा में है। इस स्टिंग को टीवी 09 भारत वर्ष के द्वारा अपनी वेब साईट पर भी डाला गया है। यह सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चित हो रहा है।

ज्ञातव्य है कि 2005 में सांसद निधि के बदले कमीशन लेते हुए एक न्यूज़ चैनल ने श्री कुलस्ते का स्टिंग ऑपरेशन किया था। उसके बाद 22 जुलाई 2008 को यूपीए सरकार के विश्वासमत के दौरान लोकसभा में नोटों के बण्डल लहराये। यूपीए पर बहुमत के लिये ख़रीद फ़रोख््त का आरोप लगाया। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद 2017 में प्राईवेट मेडिकल कॉलेज को लेकर रिश्वत से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को उनके खि़लाफ़ शिकायत मिली।

सितंबर 2017 में पीएम मोदी ने श्री कुलस्ते को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री पद से हटा दिया। फग्गन सिंह कुलस्ते का अब तक का सियासी कैरियर बताता है, कि वे नोटों के लिये अपने पद के दम पर सारी हदें पार करने को तैयार हो जाते हैं।

टीवी 09 भारतवर्ष के अंडर कवर रिपोर्टर्स की टीम बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते से नई दिल्ली में उनके घर पर मिली। इस टीम के लोगों ने बताया कि वो एक कंपनी चलाते हैं, अगर कुलस्ते उनकी बात मानेंगे, तो कंपनी चुनावी ख़र्च के लिये उन्हें करोड़ों रुपये दे सकती है। पढ़िये पूरी बातचीत :

अंडरकवर रिपोर्टर :  ये है कम से कम हम लोग 07 करोड़ के आसपास फण्ड दे देंगे।

फग्गन सिंह कुलस्ते, बीजेपी सांसद, मण्डला :  हम्मम, हम्मम।

अंडरकवर रिपोर्टर :  अपना ख़र्च लगभग कितना आ जाता है चुनाव में?

फग्गन सिंह कुलस्ते, बीजेपी सांसद, मण्डला :  चुनाव का?

अंडरकवर रिपोर्टर :  वैसे पिछली बार कितना आ गया था?

फग्गन सिंह कुलस्ते, बीजेपी सांसद, मण्डला :  अपने यहाँ देखो लगभग इस समय जायेगा, हमारे यहाँ लगभग करीब – करीब 12 (करोड़) के आसपास गया था पिछला।

अंडरकवर रिपोर्टर :  12 करोड़ के आसपास?

फग्गन सिंह कुलस्ते, बीजेपी सांसद, मण्डला :  हाँ, क्योंकि आदिवासी है, तो इसलिये इतना तो बड़ा ख़र्चा नहीं आता, लेकिन इस समय थोड़ा माहौल कुछ ऐसा है काँग्रेस की सरकार है, तो ये तो जायेगा 15 से 20 के आसपास जाना चाहिये।

अंडरकवर रिपोर्टर :  15 से 20 करोड़ के आसपास?

फग्गन सिंह कुलस्ते का दावा है कि वे कम से कम 10 करोड़ ख़र्च करके आराम से चुनाव लड़ते हैं, जबकि चुनाव आयोग ने ख़र्च की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपये तय की है। मतलब ये कि पिछले लोकसभा चुनाव में श्री कुलस्ते ने तय सीमा से 14-15 गुना ज्यादा खर्च किया। (टीवी 09 भारत वर्ष से साभार)