सब्जी मण्डी में चल रहा भूखण्ड आवंटन का खेल!

 

 

लाखों रूपये के लेन देन की चलने लगीं चर्चाएं!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। कृषि उपज मण्डी को नियम कायदों से शायद सरोकार नहीं रह गया है। नागपुर नाके के पास थोक सब्जी मण्डी के लिये स्थान अधिसूचित होने के बाद अब तक यहाँ एक रूपये भी मण्डी शुल्क नहीं वसूला गया है। इसके अलावा यहाँ भूखण्ड आवंटन में लाखों रूपये के लेनदेन की चर्चाएं भी अब तेज हो गयी हैं।

कृषि उपज मण्डी समिति के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मण्डी अधिनियम 2009 की उप विधि के अनुसार जब भी किसी मण्डी के लिये स्थान को अधिसूचित किया जाता तो वहाँ थोक व्यापार करने वाले व्यापारियों को अस्थायी तौर पर स्थानों का आवंटन किया जाता है।

सूत्रों ने आगे बताया कि जब भी व्यापारियों को भूखण्ड का आवंटन किया जाता है उस समय मण्डी और व्यापारी के बीच बकायदा अनुबंध होता है। इस अनुबंध में इस बात का उल्लेख विशेष तौर पर होता है कि व्यापारी को वह भूखण्ड कितने साल के लिये दिया जा रहा है एवं उसका नवीनीकरण कब किया जायेगा।

सूत्रों ने बताया कि मण्डी के कारिंदों के द्वारा व्यापारियों को यह कहकर बरगलाया जा रहा है कि अगर वे सुविधा शुल्क (रिश्वत) देते हैं तो भूखण्ड का आवंटन उनके नाम पर अस्थायी की बजाय स्थायी तौर पर कर दिया जायेगा। अनेक व्यापारियों के द्वारा इस झांसे में आकर मण्डी के कारिंदों कोे भारी मात्रा में पेशगी भी दे दी गयी बतायी जाती है। यह लेनदेन लाखों रूपयों में किया गया बताया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो 19 मार्च से नागपुर नाके के पास नयी थोक सब्जी मण्डी के लिये स्थान को अधिसूचित किया गया है। इसके पहले नगर पालिका के बाजू में सालों से चल रही थोक सब्जी मण्डी के स्थान को अधिसूचित न किये जाने से मण्डी शुल्क की वसूली नहीं की जाती थी।

सूत्रों ने कहा कि नयी सब्जी मण्डी में अब तक मण्डी शुल्क वसूल किये बिना ही कारोबार आरंभ किये जाने से शासन को सीधे – सीधे राजस्व की क्षति हो रही है, वहीं मण्डी के जिम्मेदार अधिकारी अभी भी मण्डी को व्यवस्थित करने के बाद ही मण्डी शुल्क वसूल किये जाने की बात कह रहे हैं।

वहीं, व्यापारियों के बीच चल रहीं चर्चाओं को अगर सही माना जाये तो मण्डी के द्वारा निर्धारित मण्डी शुल्क नहीं वसूल किये जाने के कारण कतिपय लोगों के द्वारा व्यापारियों को मण्डी अधिनियम का हवाला दिया जाकर, डरा धमकाकर उनसे मनमानी उगाही भी की जा रही है।

मण्डी में भूखण्ड आवंटन में लेनदेन की बातें निराधार हैं, फिर भी आपने हमारे संज्ञान में यह बात लायी है हम जाँच करवायेंगे एवं अगर कोई दोषी पाया गया तो कार्यवाही की जायेगी.

सुरेश परते,

सचिव, कृषि उपज मण्डी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *