ओटीपी पूछ करता था खातों में सेंधमारी, हुआ गिरफ्तार

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। सायबर क्राइम पुलिस ने बैंक अफसर बनकर फोन पर लोगों से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) पूछकर उनके खातों से लाखों रुपए हड़पने वाले गिरोह के मुखिया अनिल कुमार मंडल को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है।

मंडल ने अपने गिरोह में पढ़े लिखे बेरोजगारों को भर्ती किया है। उनका काम पूरे देश में लोगों को लगातार फोन कर झांसे में लेकर ओटीपी पूछने का रहता था। इस गोरखधंधे के लिए अनिल बिहार, पश्चिम बंगाल से फर्जी सिम मंगाकर इस्तेमाल करता था। अनिल की कई राज्यों की पुलिस को तलाश थी।

सायबर थाना के निरीक्षक लोकपालसिंह भदौरिया ने बताया कि थाने में दर्ज ओटीपी पूछकर धोखाधड़ी करने के तीन केस की जांच के दौरान पता चला कि यह झारखंड के गिरोह से जुड़ा मामला है। साक्ष्य जुटाने के बाद सायबर की टीम चिन्हित आरोपित ग्राम बूडी कुरवा, जिला दुमका, झारखंड निवासी अनिल कुमार मंडल की तलाश में पहुंची। वहां पता चला कि अनिल धोखाधड़ी के एक केस में दुमका जेल में बंद है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाया गया।

पूछताछ में अनिल ने पुलिस को बताया कि वर्ष-2015 तक फोन पर ठगी करने वाले गिरोह में काम करता था। लेकिन बाद में अधिक मुनाफा कमाने के लिए उसने अपना अलग गैंग बना लिया। उसमें अपने रिश्तेदार, सहपाठियों के अलावा पढ़े लिखे बेरोजगार लड़के-लड़कियों को भर्ती किया था। उसने देवधर जिले में किराए पर एक बड़ा मकान लिया था। उसमें वह गिरोह में भर्ती लोगों को ठगी करने का हुनर सिखाता था।

इस दौरान बैंक अफसर बनकर ओटीपी, आधार कार्ड का ब्यौरा आदि पूछने की ट्रेनिंग दी जाती थी। साथ ही ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के गुर भी सिखाए जाते थे। टीआई भदौरिया के मुताबिक गिरोह नकद रकम निकालने के साथ ही ऑनलाइन खरीदी कर कीमती सामान खरीदता था। इसके बाद वह सामान बेचकर मिले रुपए ऐशो आराम पर खर्च कर दिए जाते थे। इस गैंग के सक्रिय सदस्य रमेश कुमार मंडल, प्रकाश कुमार मंडल, अजीत कुमार मंडल, ज्योतिष कुमार मंडल, संतोष कुमार यादव एवं चंदन कुमार मंडल को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है।