पॉलीथिन पर नहीं है पालिका का बस

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भले ही प्रदेश सरकार के द्वारा एक मई से पॉलीथिन पर लगाये जाने वाले प्रतिबंध को टाल दिया गया हो, किन्तु नगर पालिका परिषद पॉलीथिन का प्रयोग बंद कराने के लिये गंभीर नहीं दिख रही है। शहर भर में निर्धारित से कम माईक्रोन की पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।

शहर में ऐसा कोई कोना शायद ही छूटा हो जहाँ पॉलीथिन के अवशेष हवा में उड़ते न दिखते हों। शहर भर में पॉलीथिन की पन्नियां या तो नालियों को चोक करती नजर आती हैं या फिर छोटे – बड़े पेड़ पौधों में फंसकर ये हवा में लहराती दिखती हैं। कुछ स्थानों पर तो लोग इनसे इस कदर आजिज आ चुके दिखते हैं कि उनके द्वारा इनका ढेर बनाकर इन्हें आग के हवाले कर दिया जाता है।

सब्जी की दुकान हो या किराना की दुकान, हर जगह निर्धारित से कम माईक्रोन वाली पॉलीथिन में सामग्री देने का क्रम बदस्तूर जारी है। कुछ साल पहले युवा नेत्री कोमल जैसवाल के द्वारा सिवनी को पॉलीथिन मुक्त कराने के लिये एक अभियान भी छेड़ा गया था, किन्तु भाजपा शासित पालिका परिषद के कथित असहयोग के चलते उनका यह अभियान भी एक पखवाड़े में ही धराशायी हो गया था।

यदा-कदा पालिका के साथ प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के द्वारा मानक मोटाई से कम मोटाई वाली पॉलीथिन की जप्ति की कार्यवाही अवश्य की जाती है। विडंबना ही कही जायेगी कि सिवनी में यह कार्यवाही शनिवार को की जाती है जबकि शहर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान इस दिन बंद रहते हैं।

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