जलावर्धन योजना का दंश भोग रहे शहरवासी!

 

 

पोली हुई जमीन में फंसा टाटा 407, भरी थी टाईल्स

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। नवीन जलावर्धन योजना के ठेकेदार का रसूख भाजपा के शासनकाल में तो बुलंदी पर था ही अब हालात देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि कांग्रेस के शासनकाल में भी सियासी गलियारों में जलावर्धन योजना के ठेकेदार का इकबाल पूरी तरह बुलंद ही है।

प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार मंगलवाार को सुबह पुलिस अधीक्षक निवास के मुख्य द्वार के सामने एक टाटा 407 वाहन क्रमांक एमपी 28 बी 0783 टाईल्स भरकर बाहुबली चौराहे से एसपी बंगला होते हुए आगे बढ़ रहा था। इसी बीच सामने से आ रहे एक वाहन को साईट देने के लिए वाहन चालक के द्वारा वाहन को सड़क से नीचे उतारा गया, और नीचे उतरते ही इस वाहन का पिछला चका जमीन में धंस गया।

प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार अचानक ही हुए इस घटनाक्रम से सभी सकते में आ गए। इस वाहन के कंडक्टर साईड का पिछला चका लगभग पूरा ही जमीन में धंस गया। वाहन चालक ने तत्काल उतरकर स्थिति को देखा फिर उसके द्वारा किसी को फोन कर मौके पर ट्रेक्टर ट्राली बुलवाई गई। इसके उपरांत टाटा 407 में रखी टाईल्स की पेटियों को ट्रेक्टर ट्राली के जरिए गंतव्य तक पहुंचाया गया।

यहां यह उल्लेखनीय होगा कि सिवनी शहर में सड़कों के किनारे नवीन जलावर्धन योजना की पाईप लाईन डाली गई है। जब यह पाईप लाईन डल रही थी उस समय ही समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट के द्वारा ठेकेदार के द्वारा की जाने वाली लापरवाही की ओर प्रशासन का ध्यान पुरजोर तरीके से आकर्षित कराए जाने के बाद भी प्रशासन के द्वारा किसी तरह की कार्यवाही को अंजाम नहीं दिया गया।

इधर, नगर पालिका के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जलावर्धन योजना के ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करना नगर पालिका के बस की बात शायद नहीं रह गई है। नगर पालिका के द्वारा ठेकेदार पर अब तक जितनी भी कार्यवाहियां की गई हैं, उनमें पालिका का नरम रवैया साफ दिखाई देता है।

सूत्रों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है कि जब प्रदेश में भाजपा सरकार थी तब कांग्रेस के नेताओं के द्वारा जलावर्धन योजना के मामले को जोर शोर से उठाया जाता था किन्तु जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तारूढ़ हुई उसके बाद से उन नेताओं के द्वारा जिन्होंने इन मामलों को उठाया था अब मौन साध लिया गया है।