गिरिराज को लगाये छप्पन भोग

 

भागवत कथा में हुई गोवर्धन पूजा

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। महाकालेश्वर सिवनी में आयोजित भागवत कथा के पंचम दिवस, कथा व्यास ओम शंकर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विविध बाल लीलाओं का जीवंत व्याख्यान किया।

महाराज ने भगवान कृष्ण की माखन चोरी की कथा के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही पूतना राक्षसी जो भगवान श्रीकृष्ण को मारने आयी थी, उसे देखकर श्रीकृष्ण ने अपनी क्यों बंद की, इस विषय पर संतों द्वारा दिये गये विविध मत की भी महाराजश्री ने व्याख्या की। नंदबाबा का गोकुल छोड़कर वृंदावन जाना एवं वृंदावन की अनुपम छटा श्रीकृष्ण के हृदय को बहुत भायी।

इसी प्रसंग में एक ब्रज रसिक भजन ..लागै वृंदावन नीकोय.. सुनकर उपस्थित श्रोता भक्त भावविभोर हो गये। तत्पश्चात गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग गिरिराज को लगाये गये। सुंदर गिरिराज की झाँकी सजायी गयी जिसकी सभी भक्तों ने पूजन एवं परिक्रमा लगायी। गिरिराज पूजन उपरांत भजनों का आनंद लेते हुए भक्तों ने गिरिराज के सम्मुख खूब ठुमके लगाये जिससे संपूर्ण महाकालेश्वर परिसर कृष्णमय हो गया।

बताया गया है कि इस कार्यक्रम में सुबह शिवलिंग रूद्री का सामूहिक पूजन अभिषेक सुबह आठ से 11 बजे तक होता है एवं दोपहर तीन बजे से छः बजे तक संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा वृंदावन से आये ओम शंकर के द्वारा प्रवाहित की जाती है।