ऐसी परिस्थिति में हम मंत्री नहीं बन पाए तो कब बनेंगे: रामबाई

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। विधानसभा के पावस सत्र में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुछ विधायकों की नाराजगी स्पष्ट रूप से झलकी है। समर्थन दे रही बहुजन समाज पार्टी की विधायक रामबाई ने बैठक में पहुंची, लेकिन उन्होंने खुलकर मंत्रियों के रवैए को लेकर अपनी नाराजगी दिखाई।

कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा भी अपने क्षेत्र में मनचाहे अफसरों की पदस्थापना व परिजनों के ही काम नहीं हो पाने से नाराजगी दर्शाने बैठक में नहीं पहुंचे। वहीं, बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायकों से विधानसभा की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने को कहा है।

मुख्यमंत्री निवास पर बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद रात करीब नौ बजे कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय विधायकों की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं तथा 15 साल के भाजपा सरकार के कार्यकाल के कारण प्रदेश के हालात बिगड़ने के बारे में सदन में अपनी बात रखें। बजट की विभागवार चर्चा में तैयारी कर पहुंचें कि संबंधित विभाग में भाजपा सरकार के कार्यकाल में किस तरह हालात खराब हुए।

उन्होंने विधायकों को कहा कि वे भाजपा के 15 साल के बिगड़े हालातों को सुधारने की जिम्मेदारी उठाएं। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे कुछ विधायक नहीं पहुंचे। कांग्रेस विधायक रणवीर जाटव बीमार होने से बैठक में शामिल नहीं हुए और उन्हें देखने के लिए कुछ विधायक हस्ताक्षर कर वहां से जल्दी चले गए।

बैठक के पहले मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरी बार विधायक दल की बैठक को सामान्य प्रक्रिया बताया। विधानसभा सत्र में हर सप्ताह बैठक बुलाई जाती है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह भी विधायकों के साथ बैठेंगे। यह कोशिश है कि सब विधायक आपस में मिलें और चर्चा करें। अपनी बात रखें और यह परंपरा बन गई है। विधि विधायी मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।

बैठक के बाद बसपा विधायक रामबाई ने पत्रकारों से चर्चा में कहा मंत्रियों को विधायकों की सुनना पड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में मंत्री नहीं बनेंगे तो कब बनेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अच्छे व्यक्ति हैं और वे जब चाहे मंत्री बना सकते हैं। इधर, मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि मप्र में कर्नाटक व गोवा का असर नहीं है।

2 thoughts on “ऐसी परिस्थिति में हम मंत्री नहीं बन पाए तो कब बनेंगे: रामबाई

  1. Pingback: 토토

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *