शिवपुरी में पानी से घिरे 117 तो श्योपुर में 9 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया

(ब्यूरो कार्यालय)
ग्वाबलियर (साई)। अशोकनगर और गुना में हुई भारी बारिश ने शिवपुरी में हालात भयावह कर दिए। मुख्य नदियां पार्वती, सिंध उफान पर आ गईं, जिससे बदरवास और कोलारस के कई गांव पानी से घिर गए।
प्रशासन ने बदरवास के रैंझाघाट में एनडीआरफ की मदद से 117 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। वहीं सिंध में उफान के चलते अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध के 8 गेट खोले गए।
उधर मप्र के मालवा और राजस्थान के कोटा-बारा क्षेत्र में हो रही बारिश से श्योपुर में पार्वती और चंबल नदियों में ऐसा उफान आया कि दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। नदियों के उफान से राजस्थान को जोड़ने वाले तमाम पुल व रास्ते डूब गए।
इस कारण श्योपुर का राजस्थान के कोटा, बारा, सवाई माधौपुर, जयपुर आदि शहरों से संपर्क कटा गया है। इस बीच नदी में घिरे 9 लोगों को रेस्क्यू करके बचाया गया। वहीं श्योपुर के सूंडी गांव में 264 लोग अब भी फंसे हैं, जिन्हें बचाने की कवायद अभी तक प्रशासन ने नहीं शुरू की है। उधर टीकमगढ़ में भी अलग-अलग जगहों से 10 लोगों को रेस्क्यू करके बचाया गया। वहीं मुरैना में भी चंबल किनारे के गांवों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
बढ़ता गया जलस्तर तो पहले 4 फिर खोले 8 गेट
शुक्रवार दोपहर 12.40 बजे मड़ीखेड़ा डैम के 4 गेट खोले गए। इसके बाद 2:23 बजे 5 गेट खोले गए। इसके बाद भी जब पानी की लगातार आवक होती रही तो दोपहर 2:52 बजे 6 गेेट खोल दिए गए। वहीं शाम 5 बजे के करीब 8 गेट खोल दिए गए, जिनसे लगातार पानी छोड़ा जा रहा था। वहीं जिले से सटे चंदेरी के राजघाट बांध व मप्र-उप्र की सीमा पर पिछोर क्षेत्र से लगे माताटीला बांध के भी 22 गेट खोले गए, जिससे निचले क्षेत्र में आने वाले गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई है।