राज्य लोक सेवा आयोग की सचिव रेणु पंत को हटाया

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। वरिष्‍ठ आईएएस अधिकारी रेणु पंत को मध्‍य प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव पद से हटा दिया गया है। सामान्‍य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

राज्य लोक सेवा आयोग की सचिव रेणु पंत को हटाकर उन्हें मंत्रालय में ओएसडी बनाया है वहीं एडीएम दिनेश जैन को सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

उल्‍लेखनीय है कि मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षा में भील जाति पर पर विवादित प्रश्‍न के मामले में इस कार्रवाई को देखा जा रहा है। यह मामला विधानसभा में भी उठा था। जयस ने इस मामले पर विरोध जताते हुए पहले सचिव को उनके पद से हटाने की मांग की थी।

इससे पहले आयोग ने इस मामले में उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुशांत पुणेकर को हटा दिया था। राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्न पर खड़े हुए विवाद के बाद पीएससी में यह पहला बदलाव किया गया था।

हालांकि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में भील समाज को आपराधिक प्रवृत्ति का बताए जाने संबंधी सवाल हटा दिया गया । वहीं मध्‍य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परीक्षा में पांच प्रश्नों को विलोपित करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इस मामले में सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं

उल्‍लेखनीय है कि मध्‍य प्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में भील समुदाय को लेकर पूछे गए सवाल पर सोमवार को आयोग के अध्यक्ष ने अपनी बात रखते हुए इस सवाल को पीएससी की भूल मानते हुए जानकारी दी थी थ‍ी कि पेपर सेट करने वाले प्रोफेसर और मॉडरेटर को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही राज्‍य लोक सेवा आयोग आयोग की सभी परीक्षाओं के लिए उन्हें ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।

दरअसल हंगामा भील जनजाति को लेकर आए गद्यांश पर उपजा है। इसके आधार पर सवालों के जवाब देने थे। गद्यांश में लिखा है कि भील निर्धन जनजाति है। भीलों की आर्थिक विपन्नाता का प्रमुख कारण आय से अधिक व्यय करना है। भीलों की आपराधिक प्रवृत्ति का एक प्रमुख कारण यह है कि ये सामान्य आय से अपनी देनदारियां पूरी नहीं कर पाते। फलतः धनोपार्जन की आशा में गैर वैधानिक तथा अनैतिक कामों में भी संलिप्त हो जाते हैं।

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