पाँच हजार दिये तब हुई डिलेवरी!

 

 

कलेक्टर के सामने पीड़ित ने लगायी गुहार, दिखाया वीडियो

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। जिला चिकित्सालय में बिना पैसे के डिलेवरी नहीं होती है। सालों से इस तरह के आरोप लगते रहे हैं, इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन के द्वारा किसी तरह के कदम नहीं उठाये जाने का ही परिणाम था कि शनिवार 04 मई को जिला कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान एक प्रसूता के पति ने महिला चिकित्सक के द्वारा बिना पैसे डिलेवरी करवाने से इंकार करने के आरोप लगाये।

ज्ञातव्य है कि शनिवार को सुबह लगभग नौ बजे जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण पर पहुँचे थे। इसके पहले वे सामान्य व्यक्ति की तरह मोटर साईकिल पर सवार होकर गत दिवस अस्पताल गये थे और उन्होंने अस्पताल में चल रही गफलतों को मोबाईल कैमरे में कैद भी किया था। शुक्रवार को ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उनके द्वारा एक माह के अंदर स्वास्थ्य विभाग विशेषकर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में वांछित सुधार के निर्देश दिये गये थे।

शनिवार को जब जिला कलेक्टर पुराने प्रसूति वार्ड के पुर्नउद्धार का काम देख रहे थे, उसी दौरान लखनवाड़ा थानांतर्गत जैतपुर ग्राम निवासी राकेश कुमार बघेल ने जिला कलेक्टर से शिकायत की कि उनके द्वारा पाँच हजार रूपये दिये गये तब जाकर उनकी पत्नि का प्रसव कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राकेश बघेल के द्वारा जिला कलेक्टर को बताया गया कि वार्ड में मौजूद महिला कर्मचारी के द्वारा उन्हें ब्लड का परीक्षण कराने के लिये कहा गया था, जब वे रक्त का नमूना लेकर अस्पताल के रक्त विभाग पहुँचे तो वहाँ उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि इसकी रिपोर्ट तीन घण्टे के पहले नहीं आने वाली।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो राकेश बघेल के द्वारा जिला कलेक्टर को यह भी बताया गया कि इसके बाद उनके द्वारा एक निजि अस्पताल के पैथालॉजी लैब में दो हजार रूपये अदा कर इसकी रिपोर्ट तत्काल इसलिये बनवायी गयी क्योंकि जिला अस्पताल में उन्हें यह कहा गया था कि बच्चा घूम गया है जल्द से जल्द प्रसव कराना होगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके द्वारा जिला कलेक्टर को यह भी बताया गया कि उनसे रक्त की व्यवस्था के लिये अस्पताल के कर्मियों द्वारा कहा गया था। उन्होंने रक्त की व्यवस्था के लिये गाँव से कुछ लोगों को बुला लिया था। इसके बाद मौके पर उपस्थित महिला चिकित्सक के द्वारा यह कहकर प्रसव कराने से मना कर दिया था कि उन्हें नींद आ रही है वे दूसरे दिन सुबह उनकी पत्नि का प्रसव करायेंगी।

बताया जाता है कि उनके द्वारा जिला कलेक्टर को यह भी बताया गया कि उनके पास कुछ लोगों के द्वारा पाँच हजार रूपये की माँग की गयी, यह राशि उनके द्वारा कहीं से एकत्र की जाकर इसमें से तीन हजार रूपये महिला चिकित्सक को दी गयी और दो हजार रूपये की राशि उनके द्वारा एक अन्य चश्मे वाली महिला कर्मी को दी गयी।

बताया जाता है कि इस मामले में पीड़ित राकेश बघेल के द्वारा एक वीडियो फुटेज भी जिला कलेक्टर को सौंपा गया है। इसके अलावा उनके द्वारा यह भी कहा गया कि अगर अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे चालू हों तो इस बात की तस्दीक की जा सकती है कि उनके द्वारा राशि सौंपी गयी है। उनके द्वारा इस मामले की शिकायत सीएम हेल्प लाईन पर भी कर दी गयी है।

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