जेनेवा में पाक विदेश मंत्री का कबूलनामा

 

 

 

 

जम्मू कश्मीर को बताया भारत का राज्य

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के सत्र में संबोधित करते जम्मू कश्मीर का हवाला देते हुए उसे भारत का एक राज्य बताया।

संवाददाताओं से बात करते हुए कुरैशी ने कहा कि भारत दुनिया की सामने इस बात की छवि बनाने की कोशिश कर रहा है कि जीवन-यापन बिल्कुल सामान्य हो चुका है। अगर जीवन सामान्य हो चुका है तो मैं यह कहना चाहूंगा कि क्यों नहीं आप इंटरनेशनल मीडिया को जाने की इजाजत देते हैं। क्यों नहीं एनजीए, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन्स को भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर में जाने की इजाजत देते हैं ता वे वहां की हकीकत देख सके।

पहली बार पाक की जुबां पर आया सच

इससे पहले तक पाकिस्तान हमेशा जम्मू कश्मीर को भारतीय प्रशासित कश्मीर ही बताता रहा है। कुरैशी का यह बयान यूएनएचआरसी सत्र में किए गए उनके संबोधन के बाद आया है, जहां पर उन्होंने भारत के खिलाफ कश्मीर को लेकर झूठ का पुलिंदा रखा।

इससे पहले, कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) में झूठ का पुलिंदा रखते हुए मंगलवार को इस बात की अपील कि वे भारत से कहे कि जम्मू कश्मीर से प्रतिबंधों को हटाया जाए। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अवैध कब्जा जाम रखे इस्लामाबाद ने यूएनएचआरसी में कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा नहीं है। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी यूएनएचआरसी सत्र के दौरान कश्मीर पर भारत के खिलाफ अर्नगल आरोप लगाए।

यूएनएचआरसी में पाक ने भारत पर लगाए अनर्गल आरोप

जम्मू कश्मीर विशेष दर्जा देनेवाले अनुच्छेद 370 को भारत की तरफ 5 अगस्त को हटाए जाने और उसके बाद भारत-पाक के बीच तनाव के इतर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जेनेवा में यूएनएससी सत्र में इस्लामाबाद की स्थिति रखी।

भारत ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने को एक आंतरिक मामला बताया और कहा कि पाकिस्तान में इस मसले पर दखल देने को कोई अधिकार नहीं है।

यूएनएचआरसी में भारत पर मानवाधिकार के झूठे आरोप लगाते हुए कुरैशी ने इस बात की मांग की कि जम्मू कश्मीर में पैलट गन के इस्तेमाल पर रोक लगे। इसके साथ ही, कर्फ्यू को खत्म किया जाए और घाटी में हिरासत में लिए गए राजनेताओँ की रिहाई की जाए।

यूएनएचआरसी में कुरैशी ने यह भी कहा कि भारत उन लोगों को दंडित करे जो जम्मू कश्मीर में लोगों के अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है और यूएनएचआरसी इस उस क्षेत्र में कथित मावाधिकार उल्लंघन को निगरानी करने की इजाजत दे। कुरैशी ने कहा कि ऑफिस ऑफ हाई कमिश्नर जम्मू-कश्मीर की स्थितियों की पड़ताल करने दे। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने मांग की कि मानवाधिकार संगठनों और अंतररराष्ट्रीय मीडिया को कश्मीर जाने दे।

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