मंत्री अपनी कमाई बताने में रहे हिचक

(प्रतीक जाधव)

भोपाल (साई)। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की कमाई को लेकर उठने वाले सवालों की वजह से सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने मंत्रियों के लिए हर साल अपनी आय सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।

शायद सरकार के मंत्री नहीं चाहते कि उनकी आय सार्वजनिक हो। इस निर्देश के शुरुआती दौर में लगभग सभी मंत्रियों ने अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी सदन में पेश की, लेकिन बाद में धीरे-धीरे यह संख्या कम होती गई और हालात यह हैं कि इस साल अभी तक मात्र एक मंत्री ने ही अपनी आय की जानकारी सार्वजनिक की है।

अब प्रदेश में मौजूदा सरकार का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। लेकिन इस दौरान सिर्फ दो मंत्रियों ने ही अपनी संपत्ति की जानकारी सदन में दी है। इसमें 2015 में वित्त मंत्री जयंत मलैया और 2017 में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने अपने और परिवार से जुड़े विवरण को पटल पर रखा है।

अन्य मंत्रियों ने इस पर दिलचस्पी नहीं दिखाई। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों द्वारा संपत्ति सार्वजनिक किए जाने के निर्देश दिए गए थे। फलस्वरुप साल 2011 से 2013 तक नियमित तौर पर मुख्यमंत्री सहित मंत्री विधानसभा सत्र के दौरान पटल पर अपनी संपत्ति का विवरण रखते रहे, लेकिन दिसंबर 2013 से शुरू हुए तीसरे कार्यकाल से यह परंपरा ही बंद हो गई।

जानकारी देने की नहीं है बाध्यता : सरकारी नियमों में शासकीय सेवकों के लिए हर साल संपत्ति का ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई तक का प्रावधान है। लेकिन मंत्रियों और विधायकों के लिए ऐसा कोई बंधनकारी नियम नहीं है। जिसका वे फायदा उठाते हैं।

केवल चुनाव आयोग की अनिवार्यता के चलते नामांकन के दौरान ही वे जानकारी सार्वजनिक करते हैं। चुनाव आयोग ने तो इसके लिए फार्मेट भी नियत कर दिया है। तथ्य छिपाए जाने पर सदस्यता समाप्त किए जाने तक की कार्रवाई हो सकती है।

विधायकों से ली जा रही जानकारी : विधायकों को परखने वन टू वन बैठक कर रहे सीएम संपत्ति बढऩे के बारे में भी पूछ रहे हैं। ऐसे में मंत्रियों द्वारा प्रॉपर्टी उजागर न करने पर सवाल उठ रहे हैं।



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