अक्षय कुमार ने लिया मोदी का साक्षात्कार

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। चुनावी घमासान के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने बॉलिवुड अभिनेता अक्षय कुमार को एक गैर राजनीतिक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू की चर्चा चारों तरफ है। खासकर के अक्षय कुमार के सवाल और पीएम मोदी के चुटीले जवाबों को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

दरअसल, इस इंटरव्यू के जरिए पीएम मोदी ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे राज खोले हैं, जिनके बारे में देश की जनता कम ही जानती है। इस पूरे इंटरव्यू में अक्षय कुमार ने पीएम मोदी से कई रोचक सवाल भी पूछे। इन सवालों का उतना ही रोचक जवाब पीएम ने दिया भी। आइए कुछ चुनिंदा सवालों और उनके जवाबों पर नजर डालते हैं-

अक्षय- आप खुद ट्विटर और इंस्टाग्राम देखते हैं, अपने ऊपर बने हुए मीम्स देखकर कैसा लगता है?

पीएम मोदी- मैं बिलकुल देखता हूं। मुझे दुनियाभर की जानकारी मिलती है। मैं आपका ट्विटर अकाउंट भी देखता हूं और ट्विंकल का भी देखता हूं। और उसे देखकर मुझे लगता है कि जो वह गुस्सा मुझपर निकालती हैं, आपके पारिवारिक जीवन में शांति रहती होगी क्योंकि उनका सारा गुस्सा मेरे पर निकल जाता होगा और आपको आराम रहता होगा। मीम्स को देखकर मैं इंजॉय करता हूं, मोदी को कम, क्रिएटिविटी को ज्यादा देखता हूं। मेरा विरोध भी होता है तो मजा आता है। सोशल मीडिया का फायदा यह है कि कॉमन मैन की सेंस, क्रिएटिविटी समझने में बड़ा मजा आता है।

अक्षय – इतना बड़ा आपका घर है। आपका मन करता है आपके मां-भाई आपके साथ घर पर रहें?

पीएम मोदी- अगर मैं पीएम बनकर घर से निकलता तो शायद मन करता लेकिन मैं बहुत छोटी आयु में घर से निकला था। उसके बाद जिंदगी डिटैच हो गई। मेरी ट्रेनिंग इसी तरह से हुई है। एक अवस्था में छोड़ा तो मुश्किल होती है। जिस वक्त घर छोड़ा था, उस वक्त तकलीफ हुई होगी लेकिन अब जिंदगी वैसी बन गई। मन करता है तो कभी मां को बुला लिया, उनके साथ कुछ दिन बिताए। मैं जब मां से मिलता हूं तो सवा रुपये मेरे हाथ पर रख देती हैं। फिर मां कहती है कि मेरे पीछे समय क्यों बर्बाद करते हो, मैं यहां क्या करूं, गांव में लोग आते हैं, बातें करते हैं। मैं भी समय नहीं दे पाता।

अक्षय- मैंने अपने ड्राइवर की बेटी से पूछा कि मोदी से कोई सवाल पूछना चाहोगी। उसने कमाल का सवाल पूछा। हमारे प्रधानमंत्री आम खाते हैं? खाते हैं तो काट के खाते हैं या फिर गुठली के साथ खाते हैं?

पीएम मोदी- आम मैं खाता हूं और मुझे यह बहुत पसंद है। गुजरात में आमरस की परंपरा भी है। जब मैं छोटा था कभी खेतों में चले जाता था। देश का किसान बड़ा उदार रहता है। खेत में आकर खाने पर रोकता नहीं है। चोरी पर रोकता है। पेड़ पर पके आम खाना मुझे पसंद था। प्राकृतिक रूप से पके हुए खाना। जब बड़े हुए तो आमरस और कई किस्म के आम खाने की आदत हुई। अब लेकिन कंट्रोल करना पड़ता है। सोचना पड़ता है कि इतने खाऊं की नहीं।

अक्षय- कभी आपने सोचा था कि आप पीएम बनेंगे और अगर सोचा भी था तो किस उम्र में ऐसा सोचा था?

पीएम मोदी- मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था। शायद जो बन जाते हैं तो उनके मन में भी ऐसा नहीं रहा होगा। मेरे परिवार की जिस तरह की स्थिति रही है, उसमें तो मुझे एक छोटी नौकरी भी मिल जाती तो मेरी मां खुश हो जाती। हां, अगर किसी का परिवार ऐसा होता है और वह ऐसा सोचता है तो फिर वह अलग बात है।

अक्षय- गुजरात के सीएम से जब पीएम बने, आपके बैंक अकाउंट में 21 लाख रुपये थे और वे 21 लाख आपने स्टाफ की बच्चियों के नाम पर एफडी कर दिए और बांट दिए। आज आपका बैंक बैलंस कितना है?

पीएम मोदी- यह आधी बात है। सीएम बनने से पहले बैंक अकाउंट नहीं था। विधायक बना तो सैलरी आनी शुरू हुई। बचपन में बना था, गांव में देना बैंक खुली। उन्होंने बच्चों को गुल्लक दी और बताया कि इसमें पैसे जोड़कर बैंक में जमा करना है। हमारे पास जमा करने के लिए कभी पैसे आए ही नहीं। हम गांव छोड़कर चले गए। बैंक में अकाउंट बना रहा तो हर साल उन्हें कैरी फॉरवर्ड करना था। 30-32 साल तक वह बना रहा। बाद में बैंक वालों को पता चला कि राजनीति में आ गया हूं तो वे मेरे पास आए कि साइन कर दीजिए, आपका बचपन का बैंक अकाउंट बंद करना है।

अक्षय- आपके पास अलादीन का चिराग हो, जिन्न तीन विश मांगे तो आप क्या मांगेगे?

पीएम मोदी- बिना परिश्रम के कुछ नहीं मिलता है और अगर मुझे अलादीन का चिराग मिल जाये तो मैं उसे कहूंगा की ये जितने भी समाजशास्त्री और शिक्षाविद हैं उनके दिमाग में भर दो कि वे आने वाली पीढ़ियों को ये अलादीन के चिराग वाली थिअरी पढ़ानी बंद कर दें। उन्हें मेहनत करने की शिक्षा दें।

अक्षय- एक न एक दिन सबको रिटायर होना होता है, आपको भी होना है। आपने कभी सोचा है कि पोस्ट-रिटायरमेंट प्लान क्या होगा?

पीएम मोदी- हमलोगों के इनर सर्कल की एक मीटिंग थी, अटलजी, आडवाणीजी, राजमाता सिंधियाजी, प्रमोद महाजन थे, तब सबसे छोटा मैं था। बातें चलीं कि रिटायरमेंट के बाद क्या करेंगे। प्रमोद जी का जीवन विविधताओं से भरा था। मुझे पूछा तो लगा कि मुझे तो कुछ आता ही नहीं। इस बारे में सोचा नहीं। जब जो जिम्मेदारी मिली, उसे जिंदगी माना। इसलिए कल्पना ही नहीं होता कि समय बिताने के लिए कुछ करना पड़ेगा। मुझे पक्का लगता है कि शरीर का कण-कण और समय के पल-पल किसी मिशन में लगाऊंगा।

अक्षय कुमार- क्या आपको गुस्सा आता है…गुस्सा निकालने के लिए क्या करते हैं, किस पर निकालते हैं?

पीएम मोदी- गुस्सा इंसान के स्वभाव का हिस्सा लेकिन 18-22 की उम्र के दौरान जो ट्रेनिंग हुई उसमें यह बताया गया है कि ईश्वर ने स्वभाव में सबकुछ दिया, आपको तय करना है कि अच्छी चीजों को बल देते हुए कैसे बढ़ना है। मैं अपनी टीम बनाता जाता हूं तो मेरे स्ट्रेस और प्रेशर बंटते चले जाते हैं। गुस्सा आता है लेकिन व्यक्त करने से बचता हूं।

अक्षय- आप साढ़े तीन घंटे ही सोते हैं, शरीर को 7 घंटे तो सोना चाहिए ही?

पीएम मोदी- जितने मेरे साथी हैं, डॉक्टर का भी यही आग्रह है कि नींद बढ़ाऊं। राष्ट्रपति ओबामा भी इसमें उलझ गए कि तू ऐसा क्यों करता है। मेरा बॉडी साइकल ऐसा हो गया है। साढ़े तीन घंटे में नींद पूरी हो जाती है। आंख खुलते ही बिस्तर छोड़ देता हूं। हो सकता है कि 18-22 साल के कालखंड में जिस जिंदगी को जी रहा था उसमें से यह डिवेलप हुआ है और अब शरीर का हिस्सा है। रिटायरमेंट के बाद नींद कैसे बढ़ाऊं इस पर सोचूंगा।

अक्षय- विपक्षी पार्टियों में आपके कोई दोस्त हैं…उनके साथ कभी चाय- पानी..

पीएम मोदी- कई दोस्त हैं। हमारा दोस्ताना रवैया रहता है। गुलाम नबी आजाद के साथ अच्छी दोस्ती रही है। हम एक परिवार के रूप में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मैं बोलूंगा तो चुनाव में मेरा नुकसान भी हो सकता है…ममता दीदी हर साल मेरे लिए एक-दो कुर्ते आज भी भेजती हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जी साल में 3-4 बार खास तौर पर ढाका से मिठाई भेजती हैं। ममता दीदी को पता चला तो वह भी साल में एक-दो बार मिठाई जरूर भेज देती हैं।

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