डिहाईड्रेशन, लू की चपेट में बच्चे और बुजुर्ग

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। मई के आरंभ होने के पहले ही तापमान बढ़कर 44 डिग्री सेल्सियस के पार होने को आतुर दिखने लगा है। मंगलवार 30 अप्रैल को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

ऐसे वातावरण में डिहाईड्रेशन के साथ ही हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 से 30 अप्रैल के बीच ऐसे मरीजों की संख्या 15 से 20 प्रतिशत बढ़ी हैं। इसका प्रमुख कारण धूप में अधिक देर तक रहना व नियमित भोजन नहीं लेना के साथ ही साथ समय – समय पर पानी नहीं पीना है। डॉक्टर्स की मानें तो इससे बचने के लिये तरल पदार्थ पीना लाभ दायक होगा।

जानकारों का कहना है कि पिछले एक पखवाड़े से सरकारी सहित प्राईवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हीट स्ट्रोक में अचानक तेज बुखार आने से लोग बीमार हो रहे हैं। सुबह स्वस्थ्य दिखने वाला मरीज शाम तक अचानक तेज बुखार की गिरफ्त में आ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी तेज धूप से बचने के लिये सलाह दी है। डॉक्टर्स के अनुसार बदन व सिर दर्द के मरीज अधिक संख्या में पहुँच रहे हैं। शरीर में पानी की कमी इसका प्रमुख कारण है। इसका प्रभाव अधिक होने पर मरीज बेहोश हो जाते हैं।

30 प्रतिशत मरीज मौसम के कारण बीमार : अस्पतालों में पहुँचने वाले मरीजों में लगभग 30 प्रतिशत मरीज डिहाईड्रेशन व हीट स्ट्रोक के बढ़े हैं। पिछले 15 दिनों में यह आँकड़ा बढ़ा है। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में हर रोज सैकड़ों के आसपास लोग पहुँच रहे हैं। इनमें से लगभग 100 से 150 मरीज इन दोनों के लक्षण के पहुँचे हैं।

निजि अस्पतालों में भी बढ़ रहे मरीज : शहर में सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजि अस्पताल व क्लीनिक में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सुबह से शाम तक अस्पतालों में लंबी भीड़ नजर आ रही है। सबसे ज्यादा बुजुर्ग व बच्चे इससे प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टर्स उपचार के साथ ही अधिक पानी पीने के लिये सलाह दे रहे हैं।

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