एक बार फिर हो सकती है शहर में जल प्लावन जैसी स्थिति!

 

इस स्तंभ के माध्यम से मैं नगर पालिका सिवनी से अपील करना चाहता हूँ कि समय रहते, शहर के नाले नालियों को सफाई करवा दी जाये ताकि शीघ्र ही आरंभ होने वाले बारिश के मौसम में सिवनी शहर जल प्लावन की स्थिति से बच सके।

नगर पालिका को यह अच्छे से पता होगा कि पिछले कई वर्षों से बारिश के दिनों में सिवनी शहर जल में डूबा हुआ सा नजर आता है। बुधवारी जैसे प्रमुख क्षेत्र भी इससे अछूते नहीं हैं लेकिन उसके बाद भी नगर पालिका के द्वारा नाले नालियों की साफ सफाई की ओर समय पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

कायदे से इस तरह साफ सफाई की अपील की आवश्यकता पड़ना ही नहीं चाहिये। यदि नगर पालिका के द्वारा नियम से साफ सफाई की ओर ध्यान दिया जाये तो यह शहर सामान्य दिनों में भी खूबसूरत नजर आने लगेगा जो बारिश के दिनों में कीचड़ से जूझता नजर आता है।

देखने वाली बात यह भी है कि शहर की अधिकांश सड़कों का सीमेन्टीकरण कर दिया गया है तो फिर यह कीचड़ कहाँ से आ जाता है? निश्चित रूप से नाले नालियां चोक होने के कारण उनका पानी सड़कों पर बहने लगता है जिसके साथ उनकी गंदगी भी सड़कों पर आ जाती है। ऐसी गंदगी के बीच फिर बीमारियां पनपती हैं और लोग स्वास्थ्य केन्द्रों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो जाते हैं।

नौतपा समाप्त हुए समय बीत चुका है और कुछ ही दिनों में बारिश का मौसम आरंभ हो जायेगा। बारिश के पूर्व प्री मॉनसून की बारिश अपनी आमद दे देगी लेकिन नगर पालिका की कोई तैयारी इस मौसम के लिये नहीं दिखायी देने से यह कहा जा सकता है कि इस बार फिर बारिश के दौरान जगह-जगह पानी भरेगा जिससे लोगों को परेशानियां होना स्वाभाविक ही है।

आश्चर्यजनक बात यह है कि नगर पालिका सिवनी को पिछले लंबे समय से अपनी जनता को होने वाली परेशानियों से कोई सरोकार नहीं रह गया दिखता है। नाले नालियों की सफाई तो दूर की बात है शहर में घूमने वाले आवारा मवेशियों पर कोई नियंत्रण न रह जाने के कारण ये आवारा मवेशी पूरे शहर में गंदगी फैलाते रहते हैं। नगर पालिका किन कार्यों में अपने आप को उलझाये हुए है, यह बात किसी को समझ नहीं आ रही है। नगर पालिका सिवनी को चाहिये कि उसके द्वारा जनहित के लिये भी कुछ कार्य अवश्य संपादित किये जायें।

सुधीर नायडू