मच्छरों से परेशान स्टेशन क्षेत्र के नागरिक

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी के रेल्वे स्टेशन प्रांगण में दो छोटे – छोटे तालाब अवस्थित हैं। इन तालाबों की स्थिति दिनों-दिन जीर्ण शीर्ण हो चली है। यहाँ पर गंदगी ने अपना साम्राज्य पूरी तरह से स्थापित कर लिया दिखायी देता है। नालियों में जमा कूड़ा करकट, उन नालियों के पानी को बहने से रोक रहा है जिससे वह भी सड़ांध मारने लगा है। इन सब के चलते मच्छरों का प्रकोप देखते ही बनता है।

रेल्वे स्टेशन के इस ओर से लगे पूरे क्षेत्र में गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। मच्छरों के साथ बारिश के इस मौसम में उत्पन्न होने वाले कीड़े मकोड़ों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। शाम के समय रात होते – होते खुले में लगी लाईट के जलने के उपरांत तो यहाँ कीड़ों का झुण्ड मण्डराने लगता है।

बताया जाता है कि इस क्षेत्र की गंदगी के लिये यहाँ रहने वाले नागरिक ही ज्यादा जिम्मेदार हैं। इन नागरिकों ने तालाबों को कचरा घर में तब्दील कर दिया है। इसके फलस्वरूप यहाँ दलदल हो जाने के कारण मच्छरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। वहीं बारिश के कारण भी नालियों का गंदा पानी, इस तालाब में जाकर मिल रहा है। एक तालाब को पता नहीं कैसे पूरी तरह ही सुखा दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस तालाब के पानी का उपयोग, लोग शौच क्रिया के लिये भी करते हैं। गाय – बैल जैसे मवेशियों को भी यहीं नहलाया जाता है। कपड़े धोना तो यहाँ बिल्कुल आम बात है। ऐसे ही कई कारणों से गंदगी और उससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं की स्थिति और भी विकट होती जा रही है। इस ओर शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है अन्यथा बारिश का लंबा मौसम अभी पड़ा हुआ है। ऐसे में रोगों के फैलने की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।