अधिकारी बेपरवाह, अंकुरित हो गयी धान!

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिले में हर साल लाखों क्विंटल धान, गेहूँ आदि को सरकारी मूल्य पर खरीदा जाता है। इसके भण्डारण में बरती जा रही लापरवाही के चलते हर साल ही हजारों क्विंटल धान और गेहूँ खराब हो जाता है। इस साल भी बारिश के मौसम में खुले में रखी धान अंकुरित हो रही है।

नागरिक आपूर्ति निगम के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस साल वेयर हाउस की बजाय धान को खुले कैंप में रखवाया गया है। बारिश के मौसम में इस धान को बचाने के लिये लाखों रूपये खर्च कर पॉलीथिन और जाली दिये जाने के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण धान सड़ रही है।

सूत्रों का कहना है कि खुले कैंप में संग्रहित कर रखी गयी धान को नियमानुसार तीन माह में ही उठा लिया जाना चाहिये था, किन्तु सात आठ माह बाद इस धान को उठाने का काम आरंभ किया गया है। बारिश के मौसम में गीली हो रही धान की बोरियों में से अंकुर निकलने आरंभ हो गये हैं।

सूत्रों ने बताया कि कुछ साल पहले तक जिलाधिकारियों के द्वारा खुले में रखी गयी धान का औचक निरीक्षण किया जाता रहा है, किन्तु कुछ सालों से यह काम बंद कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि नरेला स्थित धान के स्टेग में नमी और बारिश के कारण इसमें अंकुरण आने आरंभ हो गये हैं।

सूत्रों की मानें तो नरेला कैंप में जनवरी से लेकर अप्रैल माह तक के लिये धान को संग्रहित करके रखा गया था। इसके बाद भी इसका उठाव अगस्त माह में आरंभ करवाया गया है। 25 जनवरी को खरीद बंद होने के उपरांत खरीद केंद्रों से धान लाकर यहाँ रखी गयी थी।