किसी मामले में तो अव्वल हैं हम

 

 

(शरद खरे)

एक नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश का गठन किया गया था, इसी के साथ ही सिवनी को जिला बनाया गया था। इसके उपरांत सिवनी जिले का विकास मंथर गति से आरंभ हुआ। इसके उपरांत जबसे स्व. सुश्री विमला वर्मा ने विधान सभा में पदार्पण किया उसके बाद से सिवनी को एक के बाद एक सौगातें मिलती रहीं हैं। स्व. सुश्री विमला वर्मा के सक्रिय राजनीति से किनारा करते ही सिवनी को सौगातें मिलने का सिलसिला मानो थम सा गया।

सिवनी को मिली सौगातें विमला वर्मा के सक्रिय राजनीति से किनारा करते ही छिनना भी आरंभ हो गईं और किसी भी जनप्रतिनिधि ने सिवनी को सौगातें दिलाना तो छोड़िए इन्हें इन्हें बचाने का जतन भी नहीं किया।

सालों बाद सिवनी जिला के धरातल पर बिना किसी राजनेता की मेहनत के अव्वल आता प्रतीत हो रहा है। यह है विमानन के मसले में। सिवनी जिले में गोपालगंज और सुकतरा के बीच बनी हवाई पट्टी को मध्य प्रदेश के विमानन विभाग के द्वारा परोक्ष तौर पर सराहा जा रहा है।

यह सुखद बात है कि यह प्रदेश की हवाई पट्टियों में आदर्श मानी जा रही है। लगभग छः हजार फीट लंबी और सौ फीट चौड़ी इस हवाई पट्टी के दोनों ओर, खुला स्थान होने से पायलट को भी लेंडिंग एवं टेक ऑफ में आसानी होती है। इतनी लंबाई की हवाई पट्टी पर बोईंग विमान भी आसानी से उतर सकते हैं। यहां जल्द ही विमानों की रीसाईक्लिंग का कारखाना आरंभ हो चुका है पर इसके बारे में भी न तो जिलावासी कुछ जानते हैं और न ही जिले के लोगों को इसमें रोजगार ही मिल पा रहा है।

वैसे भी ब्रितानी घुमंतू पत्रकार रूडयार्ड किपलिंग के प्रसिद्ध उपन्यास द जंगल बुक के भेड़िया बालक मोगली की कथित कर्मभूमि के कारण सिवनी जिला, पर्यटन के अंर्तराष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी पहचान बनाकर शान से खड़ा हुआ है। देश-विदेश से सैलानी सिवनी आते हैं।

यह राहत की बात ही मानी जा सकती है कि हवाई पट्टी के मामले में सिवनी जिला समृद्ध है। इस हवाई पट्टी का अगर व्यवसायिक उपयोग आरंभ किया जाकर यहां से नियमित उड़ानें आरंभ करवायी जायें तो जिले में रोजगार के साधनों में इजाफा हो सकता है। वर्तमान में सिवनी जिले में उद्योग धंधे स्थापित करने में निवेशक इसलिये भी पीछे हटते दिखते हैं क्योंकि सिवनी तक सड़क या रेल मार्ग से पहुंचना टेड़ी खीर ही है।

इस काम को सांसद एवं विधायक ही मिलकर बखूबी अंजाम दे सकते हैं। जिले के दोनों सांसद एवं चारों विधायक ही सिवनी की हवाई सुविधाओं में इजाफा कर इसका जमकर प्रपोगंडा कर सकते हैं जिससे देश के औद्योगिक घराने सिवनी में निवेश के लिये आकर्षित होंगे। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार से इन उद्योगों के लिये छूट की लॉलीपाप भी दिखायी जा सकती है।

इस सबके लिये जरूरी है कि सांसद और विधायक ईमानदारी के साथ प्रयास करें। आज हमारे पास कहने को दो सांसद और चार विधायक हैं। इसके बाद भी सिवनी औद्योगिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, परिवहन, लघु उद्योग आदि में बेहद पिछड़ा ही माना जा सकता है। सिवनी में रोजगार के साधनों का अभाव किसी से छुपा नहीं है।

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