अमावस्या पर करें ये उपाये, बरसेगा धन!

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। इस बार 28 सितंबर को सर्वपितृमोक्ष अमावस्या है। इस दिन उन सभी लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिन्हें हमने जाने अन्जाने कभी पिण्डदान अथवा तर्पण द्वारा संतुष्ट नहीं किया अथवा जिनकी स्वर्गवास तिथि हमें याद नहीं है।

श्राद्ध के साथ ही साथ इस दिन जो भी उपाय किये जाते हैं, उनका फल अमोघ (कभी नष्ट नहीं होने वाला) होता है और पितरों के आशीर्वाद से हम भी दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करते हैं। आपके लिये यहाँ उपाये बताये जा रहे हैं, आप इनमें से किसी भी एक उपाये को कर अपने लिये सौभाग्य के द्वार खोल सकते हैं।

अमावस्या तिथि पितरों के लिये विशेष मानी गयी है। इस दिन पितरों के निमित्त किसी गरीब व्यक्ति को दूध का दान करें। इस दिन अपने पूर्वजों के नाम पर किसी गाय, ब्राह्मण अथवा जरूरतमंद भिखारी को भोजन दान करें। इससे सारे बिगड़े हुए काम बन जायेंगे।

यदि संभव हो तो किसी मंदिर में अनाज का दान करें। भगवान विष्णु के मंदिर में ध्वज लगवायें। इस उपाय से विष्णुजी के साथ ही साथ लक्ष्मी देवी की भी कृपा प्राप्त होगी। अमावस्या को किसी पीपल के वृक्ष की पूजा करें तथा पेड़ को जनेऊ व अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें। इससे श्रीहरि तथा माँ महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर की सभी परेशानियां दूर होकर धन, सुख – संपत्ति आनी आरंभ हो जाती है।

शनि से पीड़ित लोग अमावस्या पर तेल, काली उड़द, काले तिल, लोहा, काले कपड़े, काले जूते आदि का दान कर सकते हैं। इससे शनि के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है।

न करें ये काम : अमावस्या के दिन भूल कर भी तुलसी के पत्ते या बिल्व पत्र नहीं तोड़ने चाहिये। यदि देवी – देवताओं की पूजा – अर्चना के लिये आपको तुलसी के पत्ते या बिल्व पत्र चाहिये तो अमावस्या के एक दिन पहले ही तोड़ कर रख लें अन्यथा पुराने पत्तों को ही पानी से धोकर काम में लें।