मुक्त कण्ठ से हो रही अतिक्रमण विरोधी अभियान की प्रशंसा

 

प्रशासन के पास शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे कार्यवाही के लिये निवेदन!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। लगभग 27 साल बाद अतिक्रमण हटाये जाने को लेकर प्रशासन की कार्यवाही लगातार चौथे दिन भी बदस्तूर जारी रही। शुक्रवार को कबीर वार्ड (डूण्डा सिवनी) में अतिक्रमण विरोधी अमले ने अपनी कार्यवाही को अंज़ाम दिया। इस दौरान अनेक पुराने अतिक्रमणों को नेस्तनाबूत कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अतिक्रमण विरोधी दस्ते के द्वारा डूण्डा सिवनी क्षेत्र में लगभग आधा सैकड़ा स्थानों पर अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही को अंज़ाम दिया गया। प्रशासन के द्वारा इस तरह के संकेत दिये गये हैं कि जिस तरह का फीडबैक प्रशासन को मिल रहा है उसके अनुसार यह कार्यवाही अभी कुछ दिन और जारी रह सकती है।

जिला कलेक्टर कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि लोग शहर में अतिक्रमण से बुरी तरह आज़िज आ चुके थे। वे लंबे समय से प्रशासन के सख्त कदम की राह तक रहे थे। अतिक्रमण हटाअ जाने का अभियान जब भी चलता, लोगों की अभिलाषाएं जागतीं, पर एक दो दिन में ही रस्म अदायगी के बाद अभियान के बंद होते ही लोग निराश हो जाते।

सूत्रों ने बताया कि इस अभियान की सफलता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह को भी लोग फोन करने से हिचक नहीं रहे हैं। पार्षद हों या आम नागरिक सभी अपने – अपने क्षेत्रों के अतिक्रमण के संबंध में जिलाधिकारी को बताकर कार्यवाही की बात कह रहे हैं।

वहीं, डूण्डा सिवनी क्षेत्र में दो दिनों में अतिक्रमण विरोधी दस्ते के द्वारा जिस तरह से ताबड़तोड़ कार्यवाही की गयी है उसे देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाते नज़र आ रहे हैं। एक समय में उपनगरीय क्षेत्र कहलाने वाला डूण्डा सिवनी अब नगर पालिका के कबीर वार्ड के रूप में जाना पहचाना जाता है।

क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि स्थानीय निकायों की कथित उदासीनता के चलते लोगों के द्वारा सरकारी जमीन को अपनी निज़ि मिल्कियत मानते हुए यहाँ कब्जा करना आरंभ कर दिया गया था। नब्बे के दशक में आरंभ हुआ यह काम बदस्तूर जारी था, जिसके चलते सरकारी भूमि भी खुर्द बुर्द होती दिख रही थी।

शुक्रवार को मण्डला और बरघाट जाने वाले तिराहे पर अतिक्रमण विरोधी अमले का नज़ला टूटा। यहाँ एक बड़े कॉम्प्लेक्स की नपाई की जाकर इसे जमींदोज़ कर दिया गया। इसके अलावा तीन अन्य कॉम्प्लेक्स को भी यहाँ से हटाने की कार्यवाही को अंज़ाम दिया गया। जो भी निर्माण अतिक्रमण की जद में दिख रहा है उसे नेस्तनाबूत ही कर दिया जा रहा है।

माँग में है अतिक्रमण विरोधी अमला : सूत्रों ने बताया कि शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दूसरे दिन से ही इस अमले की माँग सारे शहर में एकाएक बढ़ गयी है। क्षेत्रीय लोग प्रशासनिक अधिकारियों को अपने – अपने क्षेत्र में हुए अतिक्रमण की जानकारी देते हुए अमले का रूख उनके क्षेत्र की ओर करने की गुहार लगाते दिख रहे हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर जिले के लखनादौन, घंसौर, धनौरा, खवासा, कुरई, बरघाट, केवलारी कान्हीवाड़ा, छपारा, आदेगाँव, धूमा आदि क्षेत्रों में भी अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाये जाने की माँग सामने आने लगी हैं।