10वीं व 12वीं के प्रैक्टिकल में शिक्षकों की नहीं चलेगी मनमानी

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। अब दसवीं व बारहवीं की प्रैक्टिकल परीक्षा में शिक्षकों की मनमानी नहीं चलेगी। शिक्षकों ने लैब में प्रैक्टिकल कराया या नहीं इसकी जानकारी लॉगबुक में अपडेट करनी होगी। परीक्षा में अंक देने का निरीक्षण होगा, कोई भी शिक्षक सिर्फ लैब का लॉग बुक अपडेट कर यह दिखा नहीं सकता कि उन्होंने प्रैक्टिकल की पूरी कक्षाएं लगाई हैं।

इसके लिए शिक्षकों को ऑनलाइन डाटा फीड करने के साथ लॉग बुक और बच्चों के नोटबुक में भी अपडेट करनी होगी। साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान उस स्कूल के विषय शिक्षक का लैब रिकॉर्ड का भी निरीक्षण होगा। बच्चों द्वारा शिकायत की गई है कि शिक्षक ने प्रैक्टिकल नहीं कराते। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों द्वारा ली गई प्रैक्टिकल कक्षाओं का निरीक्षण करें और डाटा अपडेट करें।

निरीक्षण के लिए पूर्व प्राचार्य, ज्वाइंट डायरेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पिछले साल से दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा में प्रैक्टिकल 30 अंक का कर दिया है। इसके लिए स्कूलों को भी प्रैक्टिकल पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 12 फरवरी से दसवीं व बारहवीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू हो रही है, हालांकि कई सरकारी स्कूलों में लैब न होने के कारण प्रैक्टिकल की कक्षाएं सही से नहीं लग पाई हैं।

विद्यार्थियों से भी लेंगे जानकारी : अधिकारी 01 फरवरी से स्कूलों में निरीक्षण करेंगे कि दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं में कितना प्रैक्टिकल कराया गया। इस संबंध में निरीक्षण दल विद्यार्थियों से भी जानकारी लेंगे। अगर विद्यार्थियों ने गलत जवाब दिया तो शिक्षकों को सफाई देनी होगी। साथ ही अधिकारी शिक्षकों के लॉग बुक से लेकर बच्चों के नोटबुक का भी निरीक्षण करेंगे।