केसीसी में किसान को पैसे देने में बैंक कर रहा आनाकानी

 

ग्रामीणों ने लगाया आरोप, की कलेक्टर से शिकायत

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। नगर में स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा के प्रबंधक पर भीमगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने लेनदेन में धोखाधड़ी के आरोप लगाये हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जन सुनवायी के दौरान भी की है।

अपनी शिकायत में महुआ टोला निवासी ग्रामीण किसान रामचंद कुर्वेती पिता किशन ने बताया कि उनका, छपारा नगर के भीमगढ़ रोड स्थित इलाहाबाद बैंक में केसीसी का खाता है जिस पर किसान के द्वारा इस खाते पर पूर्व के देनदारी 62 हजार रुपये की शेष थी। 

उन्होंने बताया कि बैंक प्रबंधक के द्वारा कृषक को 02 लाख 20 हजार की राशि पुनः स्वीकृत की गयी थी, जिस पर कृषक को शाखा प्रबंधक के द्वारा केवल 48 हजार रुपये कृषक के हाथ में दिये गये और उससे कहा कि उसकी शेष 01लाख 10 हजार रुपये केसीसी की बकाया शेष राशि उसके मृतक भाई के खाते में जमा कर ली गयी है।

कृषक के द्वारा शाखा प्रबंधक से अपनी बकाया राशि 01 लाख 10 हजार रुपये माँगने पर शाखा प्रबंधक के द्वारा धमकाया गया एवं कहा गया कि उसके भाई के केसीसी खाते में यह राशि जमा कर ली गयी है और उसका एकाउंट बंद कर दिया गया है। कृषक रामचन्द्र के द्वारा बताया गया कि उनके भाई की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है एवं कृषक ने बैंक शाखा के पदस्थ एक छोटे कर्मचारी के ऊपर भी आरोप लगाया कि उसके द्वारा रुपये दिलाने के एवज़ में उसे भी 05 हजार रुपये दिये गये परंतु उसके द्वारा भी किसी प्रकार की मदद नहीं की गयी।

उन्होंने कहा कि इससे उलट जब भी शाखा में कृषक अपनी केसीसी खाते के बकाया रुपये लेने व अपनी बही एवं बैंक शाखा की पासबुक माँगने के लिये शाखा पहुँचते हैं तो शाखा प्रबंधक के द्वारा यह कहकर भगा दिया जाता है कि बार – बार आप बैंक शाखा ना आयें और यहाँ आकर परेशान न करें, आपका पूरा काम हो चुका है।

इस मामले में जब शाखा प्रबंधक से जानकारी ली गयी तो प्रबंधक ने कहा कि कृषक अपने भाई के पुत्र प्रेमचंद की रज़ामंदी से ही उसके पिता झामर लाल के एकाउंट में बकाया शेष राशि जमा कर खाता बंद कर दिया गया है। प्रबंधक के द्वारा शेष राशि पिता के खाता में जमा करना बताया जा रहा है। इस संबंध में प्रबंधक का कहना है कि दोनों के बीच शायद विवाद हो गया है।

रामचन्द्र और प्रेमचंद दोनों चाचा भतीजे हैं. दोनों की आपसी सहमति से यह काम किया गया है और जो भी आरोप मेरे ऊपर ग्रामीण द्वारा लगाये जा रहे हैं, वे निराधार हैं.

रमेश मार्काे,

शाखा प्रबंधक,

इलाहाबाद बैंक, छपारा.

 

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