मजदूरों का दर्द, सीमेंट कांक्रीट मिक्सर मशीन में छिपकर जा रहे थे 18 मजदूर

ट्रैफिक पुलिस ने पड़ा, चालक पर केस दर्ज

(ब्‍यूरो कार्यालय)

सांवेर (साई)। लॉकडाउन में काम बंद होने से परेशान गुजरात और महाराष्ट्र के मजदूरों को लखनऊ जाने का कोई साधन नहीं मिला तो उन्होंने सीमेंट कांक्रीट मिक्सर मशीन में सवार होने का निर्णय लिया। सांवेर रोड पर ट्रैफिक पुलिस ने शंका होने पर मशीन को रोका। इसके बाद चालक से बात की तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। जांच में मिक्सर मशीन के अंदर से 18 मजदूर निकले। भीषण गर्मी में ये लोग मशीन में ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे।

डीएसपी उमाकांत चौधरी ने बताया कि शहर की सीमाओं को सील कर दिया गया है। हमारी टीमें यहां पर तैनात हैं। सांवेर में पंथ पिपलाई गांव के यहां पर सूबेदार अमित यादव अपनी टीम के साथ तैनात थे। शनिवार सुबह करीब 11 बजे उनकी टीम को एक सीमेंट कांक्रीट मिक्सर मशीन आती दिखी तो आरक्षक सुनील मोबानिया को शक हुआ। सूबेदार यादव ने बताया कि आमतौर पर सप्लाई में लगे वाहनों को हम चेक नहीं करते हैं, लेकिन अभी कंस्ट्रक्शन का काम बंद है। इस पर महाराष्ट्र पासिंग इस मिक्सर मशीन को रोका तो चालक गोलमोल जवाब देने लगा। हमारे जवानों ने उसकी जांच की तो मशीन के अंदर से आवाज आने लगी। इसके बाद साइड में बने होल से देखा तो उसमें कुछ लोग बैठे थे।

यादव ने बताया कि काफी देर तक अंदर बैठे लोग बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्हें समझाकर बाहर निकाला गया। हमें लगा एक-दो लोग होंगे, लेकिन बाद में गिनती हुई तो कुल 18 लोग बाहर निकले। इन लोगों को पास में एक रिसॉर्ट में रुकवाया गया। जहां उनके भोजन का इंतजाम किया गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम से उनकी स्क्रीनिंग भी करवाई गई। प्रशासन के सहयोग से इन्हें वापस भेजने का प्रयास किया जा रहा है।

मुफ्त में बैठाया

इधर, मजदूरों ने पुलिस को बताया कि वे लोग सूरत (गुजरात) और मालेगांव (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं। काम बंद हो गया है तो खाने की दिक्कत हो गई है, इसलिए पैदल ही निकल गए। रास्ते में हाथ दिखाया तो मिक्सर मशीन चालक रुक गया और उसने अंदर बैठने का कह दिया। उसने हमसे पैसे भी नहीं लिए। पुलिस ने मिक्सर मशीन को जब्त कर लिया, जबकि चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। वह भी लखनऊ का रहने वाला है और वहीं जा रहा था।

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