हाथरस केस : दरवाजा बंद करवा कर CBI ने परिजनों से की साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ

(ब्‍यूरो कार्यालय)
नई दिल्‍ली (साई)। हाथरस के बूलगढ़ी में युवती से कथित गैंगरेप के बाद मौत के मामले की सीबीआई जांच शनिवार को भी जारी रही। सीबीआई की टीम ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से साढ़े पांच घंटे पूछताछ की। टीम पीड़िता के कपड़े साथ ले गई है। परिवार से पूछताछ से पहले टीम घटनास्थल पर भी कुछ समय के लिए रुकी।

दिन में करीब पौने 12 बजे सीबीआई अफसर सीमा पाहुजा के नेतृत्व में एक अन्य महिला अधिकारी सहित टीम पीड़िता के घर पहुंची। पहुंचते ही उन्होंने घर का मुख्य द्वार बंद करा दिया। पीड़िता के पिता, मां, दादी, दो भाई, बहन, भाभी व एक अन्य महिला रिश्तेदार घर के अंदर थे। घर के दरवाजे पर पुलिस तैनात रही। किसी बाहरी को आसपास खड़ा तक नहीं होने दिया गया। पीड़िता के पिता व दोनों भाइयों से सीबीआई पहले ही लंबी पूछताछ कर चुकी है।

शनिवार को जांच के दौरान महिलाओं से ज्यादा सवाल हुए। घटनाक्रम के बारे में सभी से एक-एककर पूछताछ की। घटना वाले दिन खेत पर सबसे पहले पहुंचने वाले छोटू नाम के युवक को भाभी ने पहचानने से इनकार कर दिया। जबलपुर की महिला के बारे में भी सीबीआई ने पूछताछ की। वहीं 14 सितंबर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक, फार्मासिस्ट व चंदपा क्षेत्र के एक ग्रामीण को भी पूछताछ के लिए सीबीआई ने अपने कैम्प कार्यालय में बुलाया। शाम को बूलगढ़ी से लौटकर कोतवाली चंदपा में सीबीआई की टीम रुकी

सीबीआई ने शुक्रवार को उस खेत मालिक के दो बेटों को पूछताछ के लिए बुलाया जिस में वारदात को अंजाम दिया गया था। बताया गया है कि घटना के समय खेत मालिक का बेटा चारा लेने खेत पर आया था और घटना के बाद सबसे पहले वही मौके पर पहुंचा था। सीबीआई ने करीब पांच घंटे तक दोनों भाइयों से पूछताछ की थी। गुरुवार को भी अधिकारियों ने आरोपियों के घर पर जाकर कई घंटे की लंबी पूछताछ की थी। इस पूछताछ के दौरान सीबीआई के सामने छोटू नाम के युवक का नाम आया। जिस खेत में घटना होना बताया जा रहा है वह खेत छोटू के पिता का है। छोटू एसआईटी को अपना बयान दे चुका है। इसमें बताया था कि 14 सितम्बर को जिस वक्त घटना हुई थी उस समय थोड़ी दूरी पर ही वह खेत में काम कर रहा था। शोर सुनने के बाद मौके पर पहुंचा था। ऐसे में सीबीआई के लिए छोटू के बयान भी खासे महत्व रखते हैं। सीबीआईने शुक्रवार को छोटू और उसके भाई को बुला लिया। दोपहर को दोनों भाई दोपहर के करीब दो बजे सीबीआई के कैम्प कार्यालय आ गये। करीब सात बजे तक दोनों से पूछताछ चलती रही। बताया जाता है कि चंदपा के तत्कालीन इंस्पेक्टर डीके वर्मा से भी सीबीआई ने पूछताछ की है।