किसने फसाया मेमू रेलगाड़ी के चलने में पेंच!

चमचमाते रेख खड़े नैनपुर में फिर भी जबलपुर नैनपुर मण्डला, तिरोड़ी बालाघाट नैनपुर मेमू चलने में संशय के बादल बरकरार!
(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। मण्डला और बालाघाट संसदीय क्षेत्रों में दो मेमू चलाए जाने के लिए चमचमाते रेक (इंजन सहित रेलगाड़ी) नैनपुर पहुंचे पखवाड़ा पूरा होने को आ रहा है किन्तु रेल्वे बोर्ड के द्वारा दोनों ही मेमू रेलगाड़ियों को अभी तक नंबर आवंटित नहीं किए जाना अपने आप में आश्चर्य का ही विषय माना जा रहा है।
दिल्ली स्थित रेल भवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ब्राडगेज संघर्ष समिति के द्वारा किए जा रहे आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर जिस तरह से भाजपा के खिलाफ माहौल बनता दिख रहा था उसके बाद रेल मंत्री के द्वारा बालाघाट और मण्डला संसदीय क्षेत्र में दो मेमू रेलगाड़ी तत्काल प्रभाव से आरंभ करवाने का निर्णय सैद्धांतिक तौर पर लिया गया था।
सूत्रों ने आगे बताया कि इस निर्णय के उपरांत रेल्वे बोर्ड के निर्देश पर दो मेमू रेल गाड़ियों के परिचालन हेतु रैक भी नैनपुर ले जाकर खड़े करवा दिए गए थे। इस रेलगाड़ी को पितृ पक्ष के पूर्व ही आरंभ कराने की कवायद भी रेलवे बोर्ड के द्वारा आरंभ करवा दी गई थी। रेलवे बोर्ड के द्वारा रेक के आवंटन के उपरांत ही इन दोनों मेमू रेलगाड़ियों का नंबर भी आवंटित किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी।
रेल भवन के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस सारी कवायद के बीच बालाघाट अथवा मण्डला संसदीय क्षेत्र के किसी महाबली नेता के द्वारा इस पूरे मामले में फच्चर फसवा दिया गया। जैसे ही उक्त नेता के द्वारा परोक्ष तौर पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई वैसे ही रेलवे बोर्ड ने अपने कदम कुछ हद तक वापस खींच लिए गए।
सूत्रों ने बताया कि इधर, ब्राडगेज संघर्ष समिति के द्वारा कोरा आश्वासन मिलते ही अपने आंदोलन को वापस लिए जाने से रेल मंत्रालय भी विरोध के प्रति निश्चिंत हो गया और चमचमाते मेमू रेलगाड़ी के रैक वर्तमान में नैनपुर में तो खड़े हैं पर अब इन दोनों रेक्स को अन्यत्र भेजे जाने की तैयारियों का ताना बाना भी बुना जाने लगा है।

राकेश पाल सिंह ने लिखा पत्र

इधर, सूत्रों ने यह बात भी समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताई कि केवलारी के भाजपा विधायक राकेश पाल सिंह के द्वारा भोमा से केवलारी, नैनपुर, बालाघाट होकर तिरोड़ी तक मेमू रेलगाड़ी चलाए जाने हेतु रेलमंत्री एवं रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है। सूत्रों की मानें तो इनमें से एक रैक को नैनपुर में ही रोककर भोमा से केवलारी नैनपुर होकर मण्डलाफोर्ट तक एक मेमू का संचालन रेल विभाग के द्वारा किया जा सकता है।

ब्रासंस के बैकफुट पर आते ही बदलने लगा प्लान

सूत्रों ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि ब्राडगेज संघर्ष समिति के द्वारा जिस आक्रमक तेवरों के साथ मण्डला और बालाघाट के सांसदों को रेल न चलाए जाने के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा था, उसकी गूंज से रेल मंत्रालय में कुछ हलचल होती दिख रही थी। अचानक ही ब्रासंस के कथित तौर पर बैकफुट पर जाते ही मामला ठण्डे बस्ते के हवाले होता दिख रहा है।