सार्वजनिक मूत्रालयों की स्थिति बेहद दयनीय

 

सिवनी में इन दिनों सार्वजनिक मूत्रालयों की स्थिति बहुत दयनीय बनी हुई है। मूत्रालयों की स्थिति तो ठीक है, कई स्थानों पर जहाँ इनकी महती आवश्यकता है वहाँ पर तो इन्हें अभी तक स्थापित ही नहीं किया जा सका है। नगर पालिका के द्वारा कुछ स्थानों पर जहाँ-तहाँ मूत्रालयनुमा डिब्बे जरूर रखवा दिये गये हैं लेकिन वे उपयोगी न होकर गंदगी फैलाते ज्यादा नज़र आ रहे हैं।

इन मूत्रालयों के आसपास जमकर गंदगी इकट्ठी हो गयी है। कई स्थानों पर तो इन्हें सड़क के किनारे बने फुटपाथ पर ही रख दिया गया है। इसके चलते वहाँ से गुजरने वालों को इन मूत्रालयों के आसपास से उठने वाली दुर्गन्ध जमकर परेशान करती है। सड़क के किनारे फुटपाथ पर रख दिये जाने के कारण यह स्पष्ट साबित होता है कि नगर पालिका के लिये फुटपाथ का कोई महत्व नहीं है। वरना क्या कारण है कि मूत्रालयों को वहाँ स्थापित कर दिया गया है।

फुटपाथ ही नहीं बल्कि मूत्रालय भी नगर पालिका के लिये कोई मायने नहीं रखता है। सड़क पर रखे गये मूत्रालयों की सफाई तो करवाना नगर पालिका जैसे भूल ही गयी है। इन परिस्थितियों में यह सवाल उठना लाजिमी है कि साफ-सफाई के अभाव में इन मूत्रालयों में कौन प्रवेश करना चाहेगा? इसके चलते राहगीर इन मूत्रालयों की आड़ लेकर खुले में ही लघुशंका से निवृत्त होते हुए सहज ही देखे जा सकते हैं।

पहले तो यह था कि आम लोग लघुशंका के लिये सड़क से दूर किसी खुले स्थान का उपयोग कर लिया करते थे लेकिन वे अब इन डिब्बों की आड़ लेकर सड़क किनारे ही फारिग हो रहे हैं। इसलिये बेहतर होगा कि नगर पालिका द्वारा स्थापित किये गये इन मूत्रालयों को वहाँ से हटवा ही दिया जाये अथवा इन मूत्रालयों की कम से कम दिन में तीन बार सफाई अवश्य करवायी जाये ताकि लोग उनमें प्रवेश करने की हिम्मत जुटा सकें।

रतन ठाकुर