एक पखवाड़े में ही यहां चलेंगी दो सवारी रेलगाड़ियां

फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत सूर्यवंशी की मेहनत लाती दिख रही रंग
(आमित कौशल)

नई दिल्ली (साई)। जबलपुर से घंसौर, नैनपुर के रास्ते मण्डला एवं मण्डला, नैनपुर, बालाघाट होते हुए तिरोड़ी के लिए दो सवारी गाड़ियां चलने में महज एक पखवाड़े का ही समय बाकी रह गया है। उक्ताशय की बात रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष के कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही।
सूत्रों ने बताया कि ऑल इंडिया ओबीसी रेल्वे फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत सूर्यवंशी के द्वारा मण्डला और बालाघाट संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं को लेकर लगातार ही सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणियों को देखते हुए रेल्वे बोर्ड के चेयरमेन सुनीत शर्मा से इस संबंध में गुजारिश की थी।
सूत्रों ने बताया कि ऑल इंडिया ओबीसी रेल्वे फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत सूर्यवंशी मूलतः सिवनी के निवासी हैं, और उनके द्वारा जब सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणियों को देखते हुए रेलवे के अधिकारियों की कारगुजारियों के चलते नकारात्मक छवि बनती देखी गई तो उन्होंने इस संबंध में रेलवे के चेयरमेन से चर्चा की गई।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि लगभग एक माह पूर्व ऑल इंडिया ओबीसी रेल्वे फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत सूर्यवंशी के द्वारा आरंभ की गई कवायद अब आकार लेती प्रतीत हो रही है। जल्द ही जबलपुर से घंसौर, नैनपुर होकर मण्डला तक एक मेमू सवारी गाड़ी आरंभ की जाएगी। इसके अलावा नैनपुर से बालाघाट होकर तिरोड़ी के लिए भी एक मेमू रेलगाड़ी का परिचालन किया जाना प्रस्तावित है। ये सवारी गाड़ियां इस माह के अंत तक आरंभ होने की उम्मीद सूत्रों ने जताई है।

जबलपुर गोंदिया ट्रेक पर शायद ही चल पाएं सवारी गाड़ी!

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि जबलपुर से बालाघाट होकर गोंदिया के रेलखण्ड में अमान परिवर्तन तो करवा दिया गया है किन्तु नागपुर से गोंदिया के रास्ते रायपुर का रेल्वे ट्रेक ओवर क्राऊडेड होने के कारण फिलहाल यहां से सवारी गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित कर संचालन फिलहाल मुश्किल ही दिख रहा है।

इन्हें गुजारने के प्रस्ताव मिले थे रेल्वे को

सूत्रों ने आगे बताया कि जिन रेलगाड़ियों को जबलपुर से घंसौर, नैनपुर, बालाघाट होकर गोंदिया के रास्ते आगे ले जाने का प्रस्ताव किया गया था उनमें लखनऊ, यशवंतपुर एक्सप्रेस, पटना पूर्णा, दीक्षा भूमि, पटना एर्नाकुलम, गंगा कावेरी, रामेश्वरम, गया चेन्नई, रीवा नागपुर आदि का नाम शामिल था।

ब्रासंस के चल रहे प्रयास

यहां यह उल्लेखनीय होगा कि मण्डला और बालाघाट संसदीय क्षेत्र में सवारी गाड़ियां न चलने को लेकर जनता को होने वाली परेशानी के चलते ब्राडगेज संघर्ष समिति के बेनर तले आंदोलन लगाता रही जारी हैं। इसके साथ ही बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में बहुत ही धीमि गति से काम को लेकर भी ब्रासंस द्वारा अधिकारियों के तबादले की मांग की जा रही है।

जबलपुर से नैनपुर होकर मण्डला एवं नैनपुर से बालाघाट होकर तिरोड़ी के लिए दो सवारी गाड़ियों के प्रस्ताव मुख्यालय के द्वारा मांगे गए थे। विस्तृत प्रस्ताव मुख्यालय दिल्ली भेज दिए गए हैं। जबलपुर नैनुपर बालाघाट मार्ग पर सवारी गाड़ियों का कमर्शियल आपरेशन मुख्यालय दिल्ली स्तर पर तय किया जाएगा। उम्मीद है कि एक पखवाड़े के आसपास यहां सवारी गाड़ियों का परिचालन आरंभ हो जाए।
विकास के. कश्यप,
सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर,
एसईसी रेल्वे, बिलासपुर.