कल से बृहस्पति देव कर रहे हैं धनु राशि में प्रवेश

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। नवग्रहों में गुरु ग्रह को देव गुर माना जाता है। गुरु का किसी भी जातक की कुण्डली में शुभ अशुभ होना बहुत मायने रखता है। गुरु का हमारे जीवन में गुरु तुल्य लोगों, हमारे परिवार के बड़े बुजुर्गों, संतान, धन और ज्ञान का कारक ग्रह माना जाता है।

बृहस्पति ग्रह 05 नवंबर को 06 बजकर 42 मिनिट पर धनु राशि में प्रवेश प्रवेश करने वाले हैं। 30 मार्च 2020 तक गुरु इसी राशि में रहने वाले हैं। वह 22 अप्रैल 2019 से वृश्चिक राशि में ही विराजमान थे। गुरु के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा।

धनु राशि में शनि और केतु पहले से ही मौजूद हैं। इन अशुभ ग्रहों के साथ शुभ ग्रह गुरु का संयोग सभी राशियों को प्रभावित करेगा। आईये आपको बताते हैं अगले 30 मार्च तक किसे सबसे ज्यादा सम्हलकर रहने की आवश्यकता है।

मेष : मेष राशि में गुरु का गोचर नौवे भाव में होगा, जिससे रुके हुए कार्यों को पूरा करने के साथ ही साथ भाग्य में वृद्धि करेगा तथा मनचाहा परिणाम देगा। तीर्थयात्रा हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पठन – पाठन व लेखन के काम में मन लगेगा। नौकरी पेशा लोगों को तरक्की मिलेगी और कारोबारियों की नयी योजनाएं सफल होंगी। इस समयकाल में आपको धन प्राप्ति के कई स्त्रोत मिलेंगे। पारिवारिक सुख – शांति बनी रहेगी। जल्दबाजी न करें।

वृषभ : इस राशि के लिये गुरु का गोचर राशि से अष्टम भाव में होगा। ज्योतिष के अनुसार अष्टम भाव में गुरु का गोचर शुभ नहीं होता है। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। आपको अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा, साथ ही संतुलित भोजन करना होगा। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। वरिष्ठ जनों का सहयोग तथा मार्गदर्शन प्राप्त होगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। कुसंगति से हानि होगी। विवेक से कार्य करें। क्रोध पर नियंत्रण रखें।

मिथुन : मिथुन राशि में गुरु का गोचर सप्तम भाव में होगा। इस गोचर के कारण आपका वैवाहिक जीवन बहुत ही सुखद और खुशहाल रहेगा। धन का निवेश करने के लिये यह समय बहुत अच्छा है। किसी व्यक्ति के व्यवहार से मन खिन्न रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। दूर का समाचार मिल सकता है। चिंता तथा तनाव में वृद्धि होगी। पार्टनरों तथा मातहतों से मतभेद बढ़ सकते हैं। दूसरों से अपेक्षा न करें।

कर्क : आपकी राशि में गुरु का गोचर छठवें भाव में हो रहा है। इसके परिणाम स्वरुप आपको काम करने में अटकलें झेलनी पड़ सकती है। थोड़े प्रयास से ही कार्य बनेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। संतान पक्ष से कोई खराब सूचना मिल सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुँच सकती है। व्यवसाय में परिश्रम के अनुपात में लाभ कम होगा। जोखिम न लें।

सिंह : गुरु का आपकी राशि में पांचवे भाव में गोचर होगा। यह गोचर आपके लिये बहुत ही फायदेमंद साबित होगा। परिवार में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आपका आर्थिक पक्ष इस दौरान मजबुत होने वाला है। आत्म विश्वास में वृद्धि होगी। कोई नया काम करने की योजना बन सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान महसूस होगी। आलस्य हावी रहेगा। बेचैनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। मतभेद कम होंगे। जल्दबाजी न करें।

कन्या : गुरु का गोचर आपके चौथे भाव में होगा। इस गोचर के दौरान आपको स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहना होगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। सुखमय जीवन व्यतीत होगा। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वरिष्ठजनों का सहयोग तथा मार्गदर्शन प्राप्त होगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। राजनीति से जुड़े लोग इन दिनों विवाद में फंस सकते हैं। सतर्क रहें।

तुला : गुरु आपकी राशि से तीसरे स्थान से गोचर करेंगे। गुरु का इस भाव में गोचर शुभ नहीं माना जाता है। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। आर्थिक मामलों में आपको समझदारी और संयम से चलना होगा। बनते कामों में विघ्न आ सकते हैं। कर्ज लेना पड़ सकता है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। पारिवारिक जीवन में थोड़ा धैर्य से काम लें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कीमती वस्तुएं सम्हालकर रखें। विवाद न करें।

वृश्चिक : गुरु का गोचर आपकी राशि के दूसरे भाव में होने जा रहा है। इस गोचरकाल में आपकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबुत हो जायेगी। कानूनी अड़चन आ सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। शारीरिक कष्ट संभव है। बेचैनी रहेगी। मनोरंजक यात्रा होगी। धनलाभ के अवसर हाथ आयेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। भाईयों से सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा बना रहेगा।

धनु : गुरु का गोचर आपकी राशि में ही होने जा रहा है। इसलिये यह समय आपके लिये बहुत ही अच्छा समय रहेगा। मानसिक द्वंद्व रहेगा। आर्थिक मामलों को लेकर अगर आप परेशान थे तो ये परेशानियां भी जल्द दूर हो जायेंगी। अपरिचितों पर विश्वास न करें। नयी योजना बनेगी। नये कार्य प्रारंभ करने का मन बनेगा। व्यवसाय में अनुकूलता रहेगी। मित्रों के साथ अच्घ्छा समय गुजरेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन के अवसर मिलेंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।

मकर : मकर राशि में गुरु का गोचर द्वादश भाव में गोचर करेगा। वहीं गुरु के इस गोचर से आपका समय बहुत ही शुभ और समयानुकूल रहेगा। तीर्थ दर्शन हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। प्रभावशाली व्यक्तियों से मेलजोल बढ़ेगा। कार्य की बाधा दूर होगी। व्यापार – व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। कुछ तनाव भी हो सकता है। थकान हो सकती है। परिस्थिति अनुकूल रहेगी। जल्दबाजी न करें।

कुंभ : कुंभ राशि में गुरु का गोचर आपके ग्यारह्वें भाव में होगा। इस गोचर के प्रभाव से आपको कई क्षेत्रों सहित स्वास्थ्य में लाभ मिलेगा। प्रेम – प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कामकाज मनमाफिक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रभावशाली व्यक्तियों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। पारिवारिक संबंधों में प्रगाढ़ता आयेगी। सुख – शांति बनी रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। सुख के साधनों पर खर्च होगा।

मीन : गुरु आपकी राशि के दशम भाव में प्रवेश करेंगे। गुरु के इस गोचर के दौरान नौकरीपेशा लोगों को बहुत फायदे मिलेंगे। कष्ट, भय, तनाव व चिंता का वातावरण बन सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती हैं। आर्थिक मामलों के लिये यह गोचर शुभ है इस दौरान आपको कई स्त्रोतों से धन प्राप्ति हो सकती है।