बारिश से पहली बार मायूस दिखे किसान!

 

(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। लगातार हो रही रूक-रूक कर बारिश के चलते खेतों को तो इसका लाभ मिल रहा है, पर धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की धान बहने और गीली होने के कारण किसान पहली बार बारिश के चलते मायूस दिख रहा है।

बुधवार की सुबह लगभग पाँच बजे जिले के अधिकांश स्थानों पर बारिश आरंभ गयी। बारिश का यह क्रम दोपहर तक जारी रहा। मौसम विभाग दो-तीन दिन पहले से ही बारिश की चेतावनी दे रहा था लेकिन बावजूद इसके लापरवाही की हद ये रही कि खरीदी केंद्रों में किसानों की मेहनत को सहेजने के लिये कोई प्रयास नहीं किये गये।

खरीदी केंद्र प्रभारी केंद्रों में पर्याप्त इंतजाम, तिरपाल आदि होने के दावे करते रहे लेकिन इन दावों की कलई बुधवार को खुल गयी। खरीदी केंद्रों में बारिश के कारण धान न सिर्फ भीगी बल्कि कई केंद्रों में बहती भी नज़र आयी। कुछ केंद्रों में मोटर पंपों के जरिये पानी निकलने के इंतजाम किये गये। अपनी साल भर की मेहनत को इस तरह बहते देख कई किसान रोते नज़र आये। खरीदी केंद्रों में बहने वाली धान अधिकतर किसानों की है जो खरीदी नहीं गयी थी।

भले खरीदी को लेकर एसएमएस और दूसरे अत्याधुनिक इंतजाम किये गये हैं लेकिन हकीकत यह है कि खरीदी केंद्रों में व्यापक अनियमितताएं देखी जा रही हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट के द्वारा लगातार ही धान उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्थाओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जाता रहा है।

इसके बाद भी न तो प्रभारियों ने इसकी सुध ली और न ही प्रशासन के द्वारा केंद्र प्रभारियों को व्यवस्थाओं के लिये ताकीद ही किया गया। बुधवार की बारिश में जिन किसानों की धान भीगी है वे पिछले एक-दो सप्ताह से अपनी धान खरीदे जाने का इंतजार कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकतर केंद्रों में व्यापारियों का बोलबाला है।  व्यापारियों की धान काली और पुरानी होने के बाद भी इसे बिना किसी हीला हवाले के तत्काल ही खरीद लिया जाता है। इसके अलावा केंद्रों में हर जगह व्यापारी नज़र आते हैं।